नात लिरिक्स

Marhaba Aye Jaan-e-Jaanan Jaan-e-Iman Ya Nabi

मरहबा ऐ जान-ए-जानाँ जान-ए-ईमाँ या नबी

नात ख़्वान: आप भी कह दें इसे अपना सना-ख़्वाँ, या नबी !शायर: ओवैस रज़ा क़ादरीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

मरहबा, मरहबा, मरहबा, मरहबामरहबा, मरहबा, मरहबा, मरहबा

या नबी शम्सुद्दुहा ! या नबी बदरुद्दुजा !या नबी ख़ैर-उल-वरा ! या नबी या नबी !

या नबी ! या नबी ! या नबी ! या नबी !

मरहबा ऐ जान-ए-जानाँ जान-ए-ईमाँ या नबी !मरहबा महबूब-ए-यज़्दाँ शाह-ए-ख़ूबाँ या नबी !

आप आए रौशनी फैली, अँधेरा छट गयामरहबा सद मरहबा ऐ मेहर-ए-ताबाँ या नबी !

मरहबा, मरहबा, मरहबा, मरहबा

मरहबा ऐ जान-ए-जानाँ जान-ए-ईमाँ या नबी !

अव्वल-ओ-आख़िर सब कुछ जाने, देखे ब'ईद-ओ-क़रीबग़ैब की ख़बरें देने वाला, अल्लाह का वो हबीब

प्यारी सूरत, हँसता चेहरा, मुँह से झड़ते फूलहुस्न-ए-सरापा, नूर का पैकर, हक़ का प्यारा रसूल

या नबी शम्सुद्दुहा ! या नबी बदरुद्दुजा !या नबी ख़ैर-उल-वरा ! या नबी या नबी !

या नबी ! या नबी ! या नबी ! या नबी !

बहर-ओ-बर, शम्स-ओ-क़मर, हूर-ओ-मलक, जिन्न-ओ-बशरदो जहाँ है आप ही के ज़ेर-ए-एहसाँ, या नबी !

मरहबा ऐ जान-ए-जानाँ जान-ए-ईमाँ या नबी !

आप की आमद का सदक़ा दोनों 'आलम पा गएहम गदाओं का भी भर दें आज दामाँ, या नबी !

मरहबा, मरहबा, मरहबा, मरहबा

मरहबा ऐ जान-ए-जानाँ जान-ए-ईमाँ या नबी !

सरकार जिहा सोहणा, आया ए न आउणा एना रब ने बणाया ए, ना रब ने बणाउणा ए

वेखो ते हर इक शय ते पया नूर बरसदा एलगदा ए हुणे एथे सरकार ने आउणा ए

या नबी शम्सुद्दुहा ! या नबी बदरुद्दुजा !या नबी ख़ैर-उल-वरा ! या नबी या नबी !

या नबी ! या नबी ! या नबी ! या नबी !

हो हमारी क़ब्र रौशन, हम शब-ए-मीलाद मेंआप की उल्फ़त में करते हैं चराग़ाँ, या नबी

मरहबा, मरहबा, मरहबा, मरहबा

मरहबा ऐ जान-ए-जानाँ जान-ए-ईमाँ या नबी !

नसीब चमके हैं फ़र्शियों के, कि 'अर्श के चाँद आ रहे हैंझलक से जिस की फ़लक है रौशन, वो शम्स तशरीफ़ ला रहे हैं

निसार तेरी चहल-पहल पर, हज़ारों 'ईदें रबी'-उल-अव्वलसिवा-ए-इब्लीस के जहाँ में सभी तो ख़ुशियाँ मना रहे हैं

या नबी शम्सुद्दुहा ! या नबी बदरुद्दुजा !या नबी ख़ैर-उल-वरा ! या नबी या नबी !

या नबी ! या नबी ! या नबी ! या नबी !

लोग कहते हैं 'उबैद-ए-क़ादरी को ना'त-ख़्वाँआप भी कह दें इसे अपना सना-ख़्वाँ, या नबी !

मरहबा ऐ जान-ए-जानाँ जान-ए-ईमाँ या नबी !

मरहबा, मरहबा, मरहबा, मरहबा

मरहबा ऐ जान-ए-जानाँ जान-ए-ईमाँ या नबी !

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