नात लिरिक्स

Durood Tum Par Salam Tum Par

दुरूद तुम पर सलाम तुम पर

नात ख़्वान: ख़ावर नक़्शबंदीशायर: ओवैस रज़ा क़ादरीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

रसूल मेरे ! मेरे पयम्बर ! दुरूद तुम पर, सलाम तुम परकरम की हो इक निगाह हम पर, दुरूद तुम पर, सलाम तुम पर

क़ुरआन क्या है ? तुम्हारी बातें, तुम्हारे नग़्में, तुम्हारी ना'तेंकहेगा क्या कोई इस से बेहतर, दुरूद तुम पर, सलाम तुम पर

ये लैला-ए-शब सँवर रही है, जो माँग तारों से भर रही हैतुम्हारे क़दमों की धूल ले कर, दुरूद तुम पर, सलाम तुम पर

जो क़लमा-ए-ला-शरीक देखा, तुम्हें वहाँ भी शरीक देखाख़ुदा ही जाने ये राज़ बेहतर, दुरूद तुम पर, सलाम तुम पर

तुम्हारे घर की फ़सील क़ुरआँ, ख़ुदा की क़ुदरत तुम्हारा ईमाँख़ुदा की रहमत तुम्हारा दफ़्तर, दुरूद तुम पर, सलाम तुम पर

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