नात लिरिक्स

Batta Hai Kainat Mein Sadqa Batool Ka

बटता है काइनात में सदक़ा बतूल का

नात ख़्वान: ख़ावर नक़्शबंदीशायर: यासीन अजमल चिश्तीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

बटता है काइनात में सदक़ा बतूल कासुल्तान-ए-दो-जहान है बाबा बतूल का

सच है कि मेरी अम्माँ भी उन की कनीज़ हैमेरा है बाप-दादा भी मँगता बतूल का

रहती हैं मेरी देख लो मौजें लगी हुईमुझ पर करम हुआ है ये कैसा बतूल का

शामी बाज़ार-ए-शाम में हैरान थे खड़ेक़ुरआन पढ़ रहा था बेटा बतूल का

मौला 'अली ने कह दिया ज़हरा की शान मेंअल्लाह ही जानता है रुत्बा बतूल का

नज़रों से मैं ने चूमा है चौखट को बार-बारदेखा है मैं ने बारहा हुजरा बतूल का

अजमल की है तौक़ीर भी, पहचान भी यहीअदना सा इक ग़ुलाम है ज़हरा बतूल का

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