नात लिरिक्स

Mal-o-Daulat Ki Chahat Badi Cheez Hai | Ya Nabi Aap Ka Aastana Mile

माल-ओ-दौलत की चाहत बड़ी चीज़ है | या नबी आप का आस्ताना मिले

नात ख़्वान: ग़ुलाम नूर-ए-मुजस्समशायर: ग़ुलाम नूर-ए-मुजस्समउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

माल-ओ-दौलत की चाहत बड़ी चीज़ हैमिटने वाली तमन्ना नहीं चाहिएया नबी ! आप का आस्ताना मिलेऔर कोई ख़ज़ाना नहीं चाहिए

मौत के वक़्त का डर सताता है अबबिस्तर-ए-मर्ग है और है जाँ ब-लबआख़री वक़्त है आप आ जाइएमरने वाले को दुनिया नहीं चाहिए

मुस्तफ़ा की ग़ुलामी मिली है मुझेख़ूबसूरत निशानी मिली है मुझेजिन का साया नहीं उन के साए में हूँमुझ को ग़ैरों का साया नहीं चाहिए

रो रहा है गुनहगार तन्हाई मेंमेरे अपने भी हैं मेरी रुस्वाई मेंआप के सामने हूँ करम कीजिएदूसरों का सहारा नहीं चाहिए

है वफ़ा का अमीं यार-ए-ग़ार-ए-नबीजिस के पीछे 'अली ने नमाज़ें पढ़ीउस को चौथा ख़लीफ़ा भी ठुकराएगाजिस को पहला ख़लीफ़ा नहीं चाहिए

ऐसे किरदार हैं उन के दरबार मेंजिन का सानी नहीं कोई संसार मेंमेरे आगे सख़ावत है 'उस्मान कीमुझ को हातिम का क़िस्सा नहीं चाहिए

'आशिक़-ए-मुस्तफ़ा बाप ने ये कहामेरी बेटी ग़रीबों के घर जाएगीजिन के दिल में नबी की मोहब्बत नहींउन अमीरों का रिश्ता नहीं चाहिए

'इश्क़-ए-सरकार हम को मिला है यहींछोड़ कर हम न जाएँगे ये दर कहींआ'ला हज़रत का नक़्श-ए-क़दम मिल गयानज्दियों का 'अक़ीदा नहीं चाहिए

हैं 'अता-ए-नबी ख़्वाजा हिन्दल-वलीबारगाह-ए-नबी से हुकूमत मिलीमुल्क-ए-हिन्दुस्ताँ का है तू बादशाहदूसरा कोई राजा नहीं चाहिए

मर्कज़-ए-अहल-ए-सुन्नत का ए'लान हैमेरे ताज-ए-शरी'अत का फ़रमान हैख़्वाजा-ए-पाक का दर मिला है मुझेढोंगियों का वसीला नहीं चाहिए

ना'त ही बख़्शवाएगी ईमान हैना'त नूर-ए-मुजस्सम की पहचान हैना'त ही 'इश्क़ है, ना'त ही जान हैऔर कोई असासा नहीं चाहिए

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