नात लिरिक्स

Main Banda-e-Aasi Hoon Khata-kar Hoon Maula

मैं बंदा-ए-आसी हूँ ख़ता-कार हूँ मौला

नात ख़्वान: ख़ालिद हसनैन ख़ालिदशायर: जुनैद क़ासमीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

बे-नवाओं की नवा सुनता हैइल्तिजा सब की ख़ुदा सुनता हैहम कि बंदे हैं सना करते हैंवो कि ख़ालिक़ है सदा सुनता है

मैं बंदा-ए-'आसी हूँ, ख़ता-कार हूँ, मौला !लेकिन तेरी रहमत का तलबगार हूँ, मौला !

मैं बंदा-ए-'आसी हूँ, ख़ता-कार हूँ, मौला !

वाबस्ता है उम्मीद मेरी तेरे करम सेतेरा हूँ, फ़क़त तेरा परस्तार हूँ, मौला !

मैं बंदा-ए-'आसी हूँ, ख़ता-कार हूँ, मौला !

इक तेरा इशारा हो और आसान हो मुश्किलइक लहर उठे और मैं उस पार हूँ, मौला !

मैं बंदा-ए-'आसी हूँ, ख़ता-कार हूँ, मौला !

इक तेरा इशारा हो और आसान हो मंज़िलइक लहर उठे और मैं उस पार हूँ, मौला !

मैं बंदा-ए-'आसी हूँ, ख़ता-कार हूँ, मौला !

जिन से मैं गुज़र जाऊँ, वो दर खोल दे मुझ मेंख़ुद अपने ही रस्ते की मैं दीवार हूँ, मौला !

मैं बंदा-ए-'आसी हूँ, ख़ता-कार हूँ, मौला !

बाहर के उजाले मुझे क्या राह सुझाएँ !अंदर के अँधेरों में गिरफ़्तार हूँ, मौला !

मैं बंदा-ए-'आसी हूँ, ख़ता-कार हूँ, मौला !

फिर तू मेरे ईमाँ को तवानाई 'अता करबरसों नहीं सदियों से मैं बीमार हूँ, मौला !

मैं बंदा-ए-'आसी हूँ, ख़ता-कार हूँ, मौला !

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