नात लिरिक्स

Madine Mujh Ko Bula Lein Bahut Udas Hun Main

मदीने मुझ को बुला लें बहुत उदास हूँ मैं

नात ख़्वान: अल्लामा हाफ़िज़ बिलाल क़ादरीशायर: अल्लामा निसार अली उजागरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

मदीने मुझ को बुला लें, बहुत उदास हूँ मैंग़म-ए-जहाँ से बचा लें, बहुत उदास हूँ मैं

करम, हुज़ूर ! हो ऐसा कि सारा घर आएमेरा सवाल न टालें, बहुत उदास हूँ मैं

मैं पिछले साल तो आक़ा मदीने आया थाहुज़ूर ! फिर से बुला लें, बहुत उदास हूँ मैं

उदासियों ने मेरे घर में डेरा डाला हैउदासियों से बचा लें, बहुत उदास हूँ मैं

बड़ी पनाह में आया जो आया तयबा मेंमेरी हयात बचा लें, बहुत उदास हूँ मैं

नहीं है ग़ैर उजागर, ग़ुलाम आप का हैगिरा पड़ा हूँ उठा लें, बहुत उदास हूँ मैं

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