नात लिरिक्स

Madina Chhod Kar Ab Un Ka Deewana Na Jayega | Jamal-e-Noor Ki Mehfil Se Parwana Na Jayega

मदीना छोड़ कर अब उन का दीवाना न जाएगा | जमाल-ए-नूर की महफ़िल से परवाना न जाएगा

नात ख़्वान: असद रज़ा अत्तारीशायर: अल्लामा अरशद-उल-क़ादरीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

मर के जीते हैं जो उन के दर पे जाते हैं, हसन !और जी के मरते हैं जो आते हैं मदीना छोड़ कर

मदीना छोड़ कर अब उन का दीवाना न जाएगामदीना छोड़ कर अब उन का दीवाना न जाएगा

जमाल-ए-यार की महफ़िल से परवाना न जाएगामदीना छोड़ कर अब उन का दीवाना न जाएगा

जमाल-ए-नूर की महफ़िल से परवाना न जाएगामदीना छोड़ कर अब उन का दीवाना न जाएगा

बड़ी मुश्किल से आया है पलट कर अपने मर्कज़ परमदीना छोड़ कर अब उन का दीवाना न जाएगा

ये माना ख़ुल्द भी है दिल बहलने की जगह लेकिनमदीना छोड़ कर अब उन का दीवाना न जाएगा

नशेमन बाँधना है शाख़-ए-तूबा पर मुक़द्दर कामदीना छोड़ कर अब उन का दीवाना न जाएगा

जो आना है तो ख़ुद आए अजल 'उम्रे-ए-अबद ले करमदीना छोड़ कर अब उन का दीवाना न जाएगा

ठिकाना मिल गया है फ़ातिह-ए-महशर के दामन मेंमदीना छोड़ कर अब उन का दीवाना न जाएगा

फ़राज़-ए-'अर्श से अब कौन उतरे फ़र्श-ए-गीती परमदीना छोड़ कर अब उन का दीवाना न जाएगा

दो 'आलम की उमीदों से कहो मायूस हो जाएँमदीना छोड़ कर अब उन का दीवाना न जाएगा

न हो गर दाग़-ए-'इश्क़-ए-मुस्तफ़ा की चाँदनी दिल मेंग़ुलाम-ए-बा-वफ़ा महशर में पहचाना न जाएगा

हबीब-ए-किब्रिया की 'अज़मतों से मुन्हरिफ़ हो करये दा'वा-ए-मुसलमानी कभी माना न जाएगा

मेरे सरकार ! आ कर नक़्श कर दो अब कफ़-ए-पा कोदिल-ए-बीमार का रह रह के घबराना न जाएगा

ज़ुहूर-ए-'इश्क़ का मौसम कहाँ से लाएगा रिज़वाँअगर बाग़-ए-जिनाँ में उन का मय-ख़ाना न जाएगा

पहुँच जाएगा उन का नाम ले कर ख़ुल्द में अरशदतही-दामन सही नाज़-ए-ग़ुलामाना न जाएगा

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