नात लिरिक्स

Fazl-e-Rabb-e-Pak Se Bhai Mera Dulha Bana | Madani Wedding Sehra

फ़ज़्ल-ए-रब्ब-ए-पाक से भाई मेरा दूल्हा बना | मदनी सेहरा

नात ख़्वान: ओवैस रज़ा क़ादरीशायर: मुहम्मद इल्यास अत्तार क़ादरीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

फ़ज़्ल-ए-रब्ब-ए-पाक से भाई मेरा दूल्हा बनाख़ुश-नुमा फूलों का इस के सर पे है सेहरा सजा

आज मौला-बख़्श फ़ज़्ल-ए-रब से है दूल्हा बनाख़ुश-नुमा फूलों का इस के सर पे है सेहरा सजा

इस की शादी ख़ाना-आबादी हो, रब्ब-ए-मुस्तफ़ा !अज़ तुफ़ैल-ए-ग़ौस-ओ-ख़्वाजा, अज़ प-ए-अहमद रज़ा

इन की ज़ौजा, या ख़ुदा ! करती रहे पर्दा सदाअज़ तुफ़ैल-ए-हज़रत-ए-उस्माँ-ग़नी-ए-बा-हया

तू सदा रखना सलामत इन का जोड़ा, किर्दगार !इन को झगड़ों से बचाना अज़ तुफ़ैल-ए-चार-यार

इन को ख़ुशियाँ दो-जहाँ में तू 'अता कर, किब्रिया !कुछ न छाए इन पे ग़म की, रंज की काली घटा

तू नहूसत से इन्हें फ़ैशन की, ऐ मौला ! बचासुन्नतों पर ये 'अमल करते रहें, या रब ! सदा

नेक औलाद इन को, मौला ! 'आफ़ियत से हो 'अतावासिता, या रब ! मदीने की मुबारक ख़ाक का

या इलाही ! जब तलक दोनों यहाँ जीते रहेंसुन्नतों की ख़ूब ख़िदमत ये सदा करते रहें

इस तरह महका करे ये घर का घर, प्यारे ख़ुदा !फूल महका करते हैं जैसे मदीने के सदा

या इलाही ! दे स'आदत इन को हज की बार बारबार बार इन को दिखा मीठे मुहम्मद का दियार

हो बक़ी'-ए-पाक में दोनों को मदफ़न भी 'अतासब्ज़ गुंबद का तुझे देता हूँ, मौला ! वासिता

ये मियाँ-बीवी रहें जन्नत में यकजा, ऐ ख़ुदा !या इलाही ! तुझ से है 'अत्तार-ए-'आजिज़ की दु'आ

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