नात लिरिक्स

Kya Shaan Hai Teri Salle Ala Ya Abdul Qadir Jilani

क्या शान है तेरी सल्ले अला या अब्दुल क़ादिर जीलानी

नात ख़्वान: ख़ालिद हसनैन ख़ालिदशायर: पीर सय्यिद ग़ुलाम मु'ईनुद्दीनउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

क्या शान है तेरी सल्ले-'अला, या 'अब्दुल क़ादिर जीलानी !तू नूर-ए-नबी, तू नूर-ए-ख़ुदा, या 'अब्दुल क़ादिर जीलानी !

है विर्द यही अब सुब्ह-ओ-मसा, या 'अब्दुल क़ादिर जीलानी !क्या नाम है तेरा नाम-ए-ख़ुदा, या 'अब्दुल क़ादिर जीलानी !

जब आप का दामन थाम लिया, या 'अब्दुल क़ादिर जीलानी !ख़ाली न रहा दामान-ए-दु'आ, या 'अब्दुल क़ादिर जीलानी !

हूँ गरचे सरापा जुर्म-ओ-ख़ता, है लाज तुम्हारे हाथ, शहा !हूँ आप के दर का मैं कुत्ता, या 'अब्दुल क़ादिर जीलानी !

कौनैन पे तेरा क़ब्ज़ा है, हर-जा तेरा सिक्का चलता हैहैं मिल्क में तेरी 'अर्ज़-ओ-समा, या 'अब्दुल क़ादिर जीलानी !

जो दर पे तेरे आ जाता है, वो दिल की मुरादें पाता हैतू बहर-ए-करम है कान-ए-सख़ा, या 'अब्दुल क़ादिर जीलानी !

जो तेरा खाता पीता हो, जो तेरे सहारे जीता होवो किस को पुकारे तेरे सिवा, या 'अब्दुल क़ादिर जीलानी !

जो दिल की ख़्वाहिश होती है, वो फ़ौरन ही बर आती हैये आप के दर का है सदक़ा, या 'अब्दुल क़ादिर जीलानी !

वलियों के है सर पे क़दम जिस का, चोरों को जो दे अब्दाल बनाहै ऐसा कौन तुम्हारे सिवा, या 'अब्दुल क़ादिर जीलानी !

तुग़्यानी-ए-'इस्याँ के आगे कमज़ोर है लंगर तौबा काकश्ती को बचाना बहर-ए-ख़ुदा, या 'अब्दुल क़ादिर जीलानी !

अल्लाह ने सब क़ुदरत दी है, क़ादिर के हो तुम क़ादिर बंदेक़िस्मत को बना दो मेरी ज़रा, या 'अब्दुल क़ादिर जीलानी !

कमज़ोर समझ कर दुनिया में अग़्यार दबाते हैं हम कोकुछ पास तो कीजे अपनों का, या 'अब्दुल क़ादिर जीलानी !

मुश्ताक़ दर-ए-अक़्दस पे खड़ा, रो रो के यही देता है सदासब बख़्श दो मेरे जुर्म-ओ-ख़ता, या 'अब्दुल क़ादिर जीलानी !

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