नात लिरिक्स

Kya Aur Thikaana Hai, Tayba Meri Manzil Hai

क्या और ठिकाना है, तयबा मेरी मंज़िल है

नात ख़्वान: साजिद क़ादरी, सय्यिद हस्सानुल्लाह हुसैनीशायर: अल्लामा निसार अली उजागरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

क्या और ठिकाना है, तयबा मेरी मंज़िल हैतयबा मेरा रस्ता है, तयबा मेरी मंज़िल है

आक़ा के पसीने की ख़ुशबू है मदीने मेंवो शहर महकता है, तयबा मेरी मंज़िल है

क्या और ठिकाना है, तयबा मेरी मंज़िल हैतयबा मेरा रस्ता है, तयबा मेरी मंज़िल है

सब छोड़ गए मुझ को, अब कोई नहीं मेराबस एक सहारा है, तयबा मेरी मंज़िल है

क्या और ठिकाना है, तयबा मेरी मंज़िल हैतयबा मेरा रस्ता है, तयबा मेरी मंज़िल है

वो शहर है ख़्वाबों में, वो शहर है यादों मेंउस शहर का सपना है, तयबा मेरी मंज़िल है

क्या और ठिकाना है, तयबा मेरी मंज़िल हैतयबा मेरा रस्ता है, तयबा मेरी मंज़िल है

जिस शहर की मिट्टी भी ज़ख़्मों की दवा ठहरीहर ग़म का मुदावा है, तयबा मेरी मंज़िल है

क्या और ठिकाना है, तयबा मेरी मंज़िल हैतयबा मेरा रस्ता है, तयबा मेरी मंज़िल है

तुम ढूँढ लो दुनिया में गुंबद है कोई ऐसाक्या गुंबद-ए-ख़ज़रा है, तयबा मेरी मंज़िल है

क्या और ठिकाना है, तयबा मेरी मंज़िल हैतयबा मेरा रस्ता है, तयबा मेरी मंज़िल है

चाहत है उजागर की इस राह पे मर जाएजहाँ रौज़ा-ए-ज़हरा है, तयबा मेरी मंज़िल है

क्या और ठिकाना है, तयबा मेरी मंज़िल हैतयबा मेरा रस्ता है, तयबा मेरी मंज़िल है

केवल उपलब्ध श्रेय दिखाए गए हैं; अनुपलब्ध जानकारी का अनुमान नहीं लगाया गया।