नात लिरिक्स

Koi Jaam Aisa Pila Dijiye Na

कोई जाम ऐसा पिला दीजिए न

नात ख़्वान: नदीम रज़ा फ़ैज़ीशायर: नदीम रज़ा फ़ैज़ीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

कोई जाम ऐसा पिला दीजिए नये सीना मदीना बना दीजिए न

बहुत तेज़ है धूप, ए मेरे आक़ा !हमें नूरी चादर ओढ़ा दीजिए न

अगर आप का मैं भी मुजरिम हूँ, आक़ा !मदीना बुला कर सजा दीजिए न

रईस-ए-उड़ीशा मुजाहिद के सदक़ेमैं क़तरा हूँ, दरिया बना दीजिए न

ज़ियारत को कब तक तड़पते रहेंगेज़रा रुख़ से पर्दा हटा दीजिए न

नदीम-ए-रज़ा को नवासे का सदक़ा'अता कर के क़िस्मत जगा दीजिए न

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