नात लिरिक्स

Ghaus-ul-wara Ki Mehfil Jo Bhi Saja Rahe Hain | Ghous-ul-wara Ki Mehfil Jo Bhi Saja Rahe Hain

ग़ौस-उल-वरा की महफ़िल जो भी सजा रहे हैं

नात ख़्वान: नदीम रज़ा फ़ैज़ीशायर: नदीम रज़ा फ़ैज़ीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

ग़ौस-उल-वरा की महफ़िल जो भी सजा रहे हैंसोया हुआ मुक़द्दर अपना जगा रहे हैं

बग़दाद वाले आक़ा की देखिए करामतफ़रमा के कुम-बि-इज़्नी, मुर्दे जिला रहे हैं

फ़ैज़-ओ-करम का बादल छाया हुआ है हर-सूलगता है ग़ौस-ए-आ'ज़म तशरीफ़ ला रहे हैं

पीरान-ए-पीर हैं वो, रौशन-ज़मीर हैं वोबेटी को इक नज़र में बेटा बना रहे हैं

तुम देखते हो जिन को रेतों से खेलते हैंदरअस्ल वो ज़मीं पर जन्नत बना रहे हैं

वो बारह-साला डूबी बारातियों की कश्तीसरकार ग़ौस-ए-आ'ज़म देखो तिरा रहे हैं

ए'लान अब सुना दो तुम, ऐ नदीम फ़ैज़ी !बख़्शिश का शाह-ए-जीलाँ दरिया बहा रहे हैं

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