नात लिरिक्स

Khushboo Meri Zabaan Ne Lutaana Shuru Kiya

ख़ुश्बू मेरी ज़बाँ ने लुटाना शुरू किया

नात ख़्वान: नदीम रज़ा फ़ैज़ीशायर: नदीम रज़ा फ़ैज़ीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

ख़ुश्बू मेरी ज़बाँ ने लुटाना शुरू कियाना'त-ए-नबी जो मैंने सुनाना शुरू किया

मुनकर-नकीर ने कहा, ये कौन है बता'आशिक़ ने बस दुरूद सुनाना शुरू किया

जन्नत भी मुस्कुरा के मुझे देखने लगीमैंने जो माँ का पाँव दबाना शुरू किया

बकरी के साथ शेर-ए-बबर खेलने लगाजब बकरियाँ नबी ने चराना शुरू किया

दीवाने मुस्तफ़ा के सभी झूमने लगेसुन कर के ना'त ना'रा लगाना शुरू किया

नज्दी वहाबियों का पसीना उतर गयाजब मेरे मुजाहिद ने हराना शुरू किया

चौहान मिस्ल-ए-गूँगा था ख़्वाजा के सामनेजब पंडितों को कलमा पढ़ाना शुरू किया

जब सुन लिया कि आ गए बी-आमिना के लालइब्लीस ने तो आँसू बहाना शुरू किया

देखा नदीम ने भी वो ख़ुश-हाल हो गयानाम-ए-नबी पे जिस ने लुटाना शुरू किया

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