नात लिरिक्स

Khairul Bashar Par Lakhon Salam

ख़ैर-उल-बशर पर लाखों सलाम

नात ख़्वान: अल्हाज ख़ुर्शीद अहमदशायर: अदीब रायपुरीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

ख़ैर-उल-बशर पर लाखों सलामलाखों दुरूद और लाखों सलाम

जिन्न-ओ-मलाइक तेरे ग़ुलामसब से सिवा है तेरा मक़ामयासीन-ओ-ताहा तेरे ही नाम

ख़ैर-उल-बशर पर लाखों सलामलाखों दुरूद और लाखों सलाम

सब को मुयस्सर हो ये मक़ामपहुँचें मदीने बन कर ग़ुलामपढ़ते दुरूद और पढ़ते सलाम

ख़ैर-उल-बशर पर लाखों सलामलाखों दुरूद और लाखों सलाम

'अर्श-ए-बरीं तक चर्चा तेराशम्स-ओ-क़मर है सदक़ा तेराऐ माह-ए-कामिल हुस्न-ए-तमाम !

ख़ैर-उल-बशर पर लाखों सलामलाखों दुरूद और लाखों सलाम

ज़ुल्फ़ों की ख़ुश्बू हर साँस मेंजन्नत-ब-दामाँ एहसास मेंआँखों में आँसू, होंटों पे नाम

ख़ैर-उल-बशर पर लाखों सलामलाखों दुरूद और लाखों सलाम

जूद-ओ-सख़ा का परचम तू हीज़ख़्म-ए-जिगर का मरहम तू हीमुश्किल-कुशाई तेरा ही काम

ख़ैर-उल-बशर पर लाखों सलामलाखों दुरूद और लाखों सलाम

ऐ जान-ए-जानाँ ! जान-ए-जहाँ !शादाँ कि तुम हो शाह-ए-शहाँनाज़ाँ कि हम हैं अदना ग़ुलाम

ख़ैर-उल-बशर पर लाखों सलामलाखों दुरूद और लाखों सलाम

रब की ख़ुशी है मंशा तेरामंशा-ए-रब है तेरी रज़ातेरा सुख़न है रब का कलाम

ख़ैर-उल-बशर पर लाखों सलामलाखों दुरूद और लाखों सलाम

रोज़-ए-अज़ल जो चमका था नूरमहशर में होगा उस का ज़ुहूरअव्वल से आख़िर तेरा ही नाम

ख़ैर-उल-बशर पर लाखों सलामलाखों दुरूद और लाखों सलाम

तेरी ज़िया से शम्स-ओ-क़मरतेरा तसव्वुर नूर-ए-बसररख़्शाँ दरख़्शाँ हर सुब्ह-ओ-शाम

ख़ैर-उल-बशर पर लाखों सलामलाखों दुरूद और लाखों सलाम

तेरी सना है मेरा नसीबक़ुर्बान तुझ पर जान-ए-अदीबतुझ पर तसद्दुक़ 'आलम तमाम

ख़ैर-उल-बशर पर लाखों सलामलाखों दुरूद और लाखों सलाम

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