नात लिरिक्स

Karbala Ke Jaan Nisaron Ko Salam

कर्बला के जाँ-निसारों को सलाम

नात ख़्वान: ओवैस रज़ा क़ादरीशायर: मुहम्मद इल्यास अत्तार क़ादरीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

कर्बला के जाँ-निसारों को सलामफ़ातिमा ज़हरा के प्यारों को सलाम

मुस्तफ़ा के माह-पारों को सलामनौजवानों गुल-'इज़ारों को सलाम

कर्बला तेरी बहारों को सलामजाँ-निसारी के नज़ारों को सलाम

या हुसैन इब्न-ए-'अली मुश्किल-कुशा !आप के सब जाँ-निसारों को सलाम

अकबर-ओ-असग़र पे जाँ क़ुर्बान होमेरे दिल के ताजदारों को सलाम

क़ासिम-ओ-'अब्बास पर हों रहमतेंकर्बला के शह-सुवारों को सलाम

जिस किसी ने कर्बला में जान दीउन सभी ईमानदारों को सलाम

भूकी प्यासी बीबियों पर रहमतेंभूके प्यासे गुल-'इज़ारों को सलाम

भेद क्या जाने शहादत का कोईउन ख़ुदा के राज़दारों को सलाम

बेबसी में भी हया बाक़ी रहीसब हुसैनी पर्दा-दारों को सलाम

रहमतें हों हर सहाबी पर मुदामऔर ख़ुसूसन चार यारों को सलाम

बीबियों को, 'आबिद-ए-बीमार कोबेकसों को, ग़म के मारों को सलाम

हो गए क़ुर्बां मुहम्मद और 'औनसय्यिदा ज़ैनब के प्यारों को सलाम

कर्बला में ज़ुल्म के टूटे पहाड़जिन पे उन सब दिल-फ़िगारों को सलाम

आल-ओ-असहाब-ए-नबी के जिस क़दरचाहने वाले हैं सारों को सलाम

या ख़ुदा ! ऐ काश, जा कर फिर करूँकर्बला के सब मज़ारों को सलाम

तीन दिन के भूके प्यासे आप केया नबी ! आँखों के तारों को सलाम

जो हुसैनी क़ाफ़िले में थे शरीककहता है 'अत्तार सारों को सलाम

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