नात लिरिक्स

Jo Koi Gham Sataae To Madina Yaad Kar Lena

जो कोई ग़म सताए तो मदीना याद कर लेना

नात ख़्वान: असद रज़ा अत्तारीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

जीने की तरफ़ देख न मरने की तरफ़ देखजब चोट लगे दिल को मदीने की तरफ़ देख

जो कोई ग़म सताए तो मदीना याद कर लेनान दिल को चैन आए तो मदीना याद कर लेना

सहारा बे-सहारों का, मदावा ग़म के मारों कान कोई काम आए तो मदीना याद कर लेना

जो कोई ग़म सताए तो मदीना याद कर लेना

उमूमन ज़िंदगी में दुख के दिन भी आ ही जाते हैंकभी लम्हा ये आए तो मदीना याद कर लेना

जो कोई ग़म सताए तो मदीना याद कर लेना

सुना है मुश्किलों में साथ कोई भी नहीं चलताज़माना छोड़ जाए तो मदीना याद कर लेना

जो कोई ग़म सताए तो मदीना याद कर लेना

कभी अश्क़ों की बोली भी ख़मोशी में बदल जाएऔर दिल आँसू बहाए तो मदीना याद कर लेना

जो कोई ग़म सताए तो मदीना याद कर लेना

हवाएँ भी मुख़ालिफ़ हों, हो दरिया में भी तुग़्यानीऔर कश्ती डूब जाए तो मदीना याद कर लेना

जो कोई ग़म सताए तो मदीना याद कर लेना

कभी जो साँस बिखरी हो, कभी धड़कन जो उलझी होन दिल भी जो सँभल पाए मदीना याद कर लेना

जो कोई ग़म सताए तो मदीना याद कर लेना

मुसीबत में तो हर कोई उन्हीं को याद करता हैख़ुशी, अहमद ! जो आए तो मदीना याद कर लेना

जो कोई ग़म सताए तो मदीना याद कर लेना

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