नात लिरिक्स

Jis Ke Lab Par Ali Ali Hoga | Us Ke Dil Mein Nabi Nabi Hoga

जिस के लब पर अली अली होगा | उस के दिल में नबी नबी होगा

नात ख़्वान: असद इक़बाल कलकत्तवीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

जिस के लब पर 'अली 'अली होगाउस के दिल में नबी नबी होगासाफ़ ज़ाहिर है इस वसीले सेऐसा इंसान जन्नती होगा

पूछ लो ये हरीम-ए-का'बा सेचाहे ज़मज़म से, शहर-ए-तयबा सेजिस के दिल में हसन-हुसैन नहींसर से पा तक वो दोज़ख़ी होगा

एक माँगो तो सौ 'अता कर देऔर भरी ख़ुल्द तक हिबा कर देजिस को कहते हैं क़ासिम-ए-ने'मतसोचो किस शान का सख़ी होगा

शहर-ए-तयबा का जो फ़क़ीर हुवावो अमीरों का भी अमीर हुवाजिस की झोली में इक चवन्नी हैवो जहाँ का खरब-पती होगा

जिस के क़ब्ज़े में कुल ख़ुदाई हैजिस का बिस्तर तो इक चटाई हैका'बा-क़ौसैन जिस की मंज़िल होरब का महबूब वाक़ि'ई होगा

जिस की ता'ज़ीम में फ़रिश्ते झुकेंजिस की तकरीम अंबिया भी करेंमुक़्तदी जिस के अंबिया सारेवो तो नबियों का भी नबी होगा

नाम से अपने नेक-नाम बनोग़ौस-ए-बग़दाद के ग़ुलाम बनोजिस को निस्बत है ग़ौस-ए-आ'ज़म सेसिलसिला उस का क़ादरी होगा

सुन्नत-ए-मुस्तफ़ा का पैकर हो'इश्क़-ओ-'इरफ़ान का समंदर होदेख कर जिस को याद आए ख़ुदावो तो अल्लाह का वली होगा

आ'ला हज़रत का फ़ैसला सुन लोइस को मोती समझ के तुम चुन लोजो भी मेरे नबी का दुश्मन हैएक नंबर का दोज़ख़ी होगा

दिल में बुग़्ज़-ए-नबी का लावा हैजिस का सज्दा भी इक दिखावा हैये मुनाफ़िक़ की इक 'अलामत हैउस का ईमान ऊपरी होगा

ज़िंदगी का सफ़र हुज़ूर के नामजिस की शाम-ओ-सहर हुज़ूर के नाम'उम्र गुज़री हो जिस की तयबा मेंउस का हर लम्हा क़ीमती होगा

अहल-ए-सुन्नत का दिल से शैदा हैसब बुज़ुर्गों से प्यार करता हैजो रहे दूर सुल्ह-ए-कुल्ली सेवो तो शैदा-ए-अज़हरी होगा

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