नात लिरिक्स

Jhoom Utha Sara Jahan Aaqa Tere Aane Se

झूम उठा सारा जहाँ आक़ा तेरे आने से

नात ख़्वान: हाफ़िज़ ग़ुलाम मुस्तफ़ा क़ादरीशायर: अल्लामा निसार अली उजागरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

झूम उठा सारा जहाँ, सारा जहाँ, सारा जहाँआक़ा ! तेरे आने से, मौला ! तेरे आने से

या रसूलल्लाह ! या हबीबल्लाह !या रसूलल्लाह ! या हबीबल्लाह !

ह़बदा या मुस्तफ़ा ! ह़बदा या मुस्तफ़ा !ह़बदा या मुस्तफ़ा ! ह़बदा या मुस्तफ़ा !

क्या कशिश है, कैसा रौशन आमिना का चाँद हैइस के आगे रंग देखो चाँद का भी माँद है

झूम उठा सारा जहाँ, सारा जहाँ, सारा जहाँआक़ा ! तेरे आने से, मौला ! तेरे आने से

बारहवीं के दिन तेरी 'अज़मत पे हों लाखों सलाममुस्तफ़ा की आमद-ओ-बे'सत पे हों लाखों सलाम

झूम उठा सारा जहाँ, सारा जहाँ, सारा जहाँआक़ा ! तेरे आने से, मौला ! तेरे आने से

मुस्तफ़ा का जश्न देखो रौशनी का बाग़ हैरात के माथे पे सुब्ह-ए-ज़िंदगी का बाग़ है

झूम उठा सारा जहाँ, सारा जहाँ, सारा जहाँआक़ा ! तेरे आने से, मौला ! तेरे आने से

जश्न-ए-मीलाद-ए-मोहम्मद हम मनाएँगे ज़रूरजलने वालों को क़सम रब की जलाएँगे ज़रूर

झूम उठा सारा जहाँ, सारा जहाँ, सारा जहाँआक़ा ! तेरे आने से, मौला ! तेरे आने से

फ़लसफ़ा ये ज़िंदगी का ज़ाहिर-ओ-बातिन से हैसिलसिला ख़ुशियाँ मनाने का अज़ल के दिन से है

झूम उठा सारा जहाँ, सारा जहाँ, सारा जहाँआक़ा ! तेरे आने से, मौला ! तेरे आने से

मुस्तफ़ा की सल्तनत है जिस तरफ़ भी देखिएसारा 'आलम मिल्कियत है जिस तरफ़ भी देखिए

झूम उठा सारा जहाँ, सारा जहाँ, सारा जहाँआक़ा ! तेरे आने से, मौला ! तेरे आने से

आमद-ए-शाह-ए-हुदा से मिल गई राह-ए-नजातवहशतों में हो गई है पुर-सुकूँ इंसाँ की ज़ात

झूम उठा सारा जहाँ, सारा जहाँ, सारा जहाँआक़ा ! तेरे आने से, मौला ! तेरे आने से

ऐ उजागर ! सब दिनों से दिन नबी का ला-जवाबसारे मौसम, सब रुतों से दिन नबी का ला-जवाब

झूम उठा सारा जहाँ, सारा जहाँ, सारा जहाँआक़ा ! तेरे आने से, मौला ! तेरे आने से

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