नात लिरिक्स

Jaah-o-Jalal Do Na Hi Maal-o-Manal Do

जाह-ओ-जलाल दो न ही माल-ओ-मनाल दो

नात ख़्वान: ओवैस रज़ा क़ादरीशायर: मुहम्मद इल्यास अत्तार क़ादरीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

जाह-ओ-जलाल दो न ही माल-ओ-मनाल दोसोज़-ए-बिलाल बस मेरी झोली में डाल दो

दुनिया के सारे ग़म मेरे दिल से निकाल दोग़म अपना, या हबीब ! बरा-ए-बिलाल दो

हिज्र-ओ-फ़िराक़ तो मिला, दो इज़्तिराब भीबेताब क़ल्ब अज़ प-ए-सोज़-ए-बिलाल दो

बहती रहे जो हर घड़ी बस याद में, शहा !वो चश्म-ए-अश्कबार प-ए-ज़ुल-जलाल दो

सीना मदीना हो मेरा, दिल भी मदीना होफ़िक्र-ए-मदीना दो मुझे मदनी ख़याल दो

हर आन बस तसव्वुर-ए-तयबा में गुम रहूँऐसा बुलंद, शाह-ए-मदीना ! ख़याल दो

दो दर्द सुन्नतों का प-ए-शाह-ए-कर्बलाउम्मत के दिल से लज़्ज़त-ए-'इस्याँ निकाल दो

ख़ुल्क़-ए-'अज़ीम से मुझे हिस्सा 'अता करोबे-जा हंसी की ख़स्लत-ए-बद को निकाल दो

ज़िक्र-ओ-दुरूद हर घड़ी विर्द-ए-ज़बाँ रहेमेरी फ़ुज़ूल-गोई की 'आदत निकाल दो

दोनों जहाँ की आफ़तें, मौला ! मुसीबतेंसदक़े में मेरे ग़ौस के, सरकार ! टाल दो

'अत्तार को बुला के मदीने में दो बक़ी'अदो फूलों के तुफ़ैल हों पूरे सुवाल दो

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