नात लिरिक्स

Zameen-o-Aasman Mein Hussain Sa Koi Nahin

ज़मीन-ओ-आसमान में हुसैन सा कोई नहीं

नात ख़्वान: ख़ालिद हसनैन ख़ालिदउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

हुसैन सा कोई नहीं, हुसैन सा कोई नहीं

ज़मीन-ओ-आसमान में हुसैन सा कोई नहींख़ुदा के इस जहान में हुसैन सा कोई नहीं

हुसैन सा कोई नहीं, हुसैन सा कोई नहीं

लिखा हुआ है लौह-ए-दिल पे नाम बस हुसैन कातो दिल के इस मकान में हुसैन सा कोई नहीं

हुसैन सा कोई नहीं, हुसैन सा कोई नहीं

लिखेगा कौन इस तरह शहादतों की दास्ताँ ?किसी के ख़ानदान में हुसैन सा कोई नहीं

हुसैन सा कोई नहीं, हुसैन सा कोई नहीं

करेगा कौन सामना यज़ीद-ए-वक़्त का यहाँ ?हमारे दरमियान में हुसैन सा कोई नहीं

हुसैन सा कोई नहीं, हुसैन सा कोई नहीं

रज़ा-ए-हक़ पे कर्बला में अपना सब लुटा दियावफ़ा के इम्तिहान में हुसैन सा कोई नहीं

हुसैन सा कोई नहीं, हुसैन सा कोई नहीं

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