नात लिरिक्स

Hum Mil Ke Karein Aashiq-e-Sarkar Ki Baatein | Attar Ki Baatein

हम मिल के करें आशिक़-ए-सरकार की बातें | अत्तार की बातें

नात ख़्वान: क़ुरैशी ब्रदर्सशायर: वसीम बेख़ुदउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

अल्लाह अल्लाह किए जाने से अल्लाह न मिलेअल्लाह वाले हैं जो अल्लाह से मिला देते हैं

मेरे दिल में निहाँ, मेरा 'अत्तार हैऔर तस्कीन-ए-जाँ, मेरा 'अत्तार हैरात-दिन बर-ज़बाँ, मेरा 'अत्तार हैमेरी रूह में रवाँ, मेरा 'अत्तार है

हम मिल के करें 'आशिक़-ए-सरकार की बातें, 'अत्तार की बातेंउस पीर-ए-हुदा, साहिब-ए-किरदार की बातें, 'अत्तार की बातें

दुनिया में मुझे प्यार मिला, जितना मिला है, मुर्शिद की 'अता हैफिर क्यूँ न करूँ शाम-ओ-सहर प्यार की बातें, 'अत्तार की बातें

हम मिल के करें 'आशिक़-ए-सरकार की बातें, 'अत्तार की बातेंउस पीर-ए-हुदा, साहिब-ए-किरदार की बातें, 'अत्तार की बातें

उस चश्म-ए-करम जिस ने करीमाना किया है, दीवाना किया हैतुम ख़ूब करो क़ाबिल-ए-गुफ़्तार की बातें, 'अत्तार की बातें

हम मिल के करें 'आशिक़-ए-सरकार की बातें, 'अत्तार की बातेंउस पीर-ए-हुदा, साहिब-ए-किरदार की बातें, 'अत्तार की बातें

मेरे दिल में निहाँ, मेरा 'अत्तार हैऔर तस्कीन-ए-जाँ, मेरा 'अत्तार हैरात-दिन बर-ज़बाँ, मेरा 'अत्तार हैमेरी रूह में रवाँ, मेरा 'अत्तार है

फैलाई जिस ने दुनिया में अहकाम की ख़ुश्बू, इस्लाम की ख़ुश्बूगुलशन में करो उस गुल-ए-बे-ख़ार की बातें, 'अत्तार की बातें

हम मिल के करें 'आशिक़-ए-सरकार की बातें, 'अत्तार की बातेंउस पीर-ए-हुदा, साहिब-ए-किरदार की बातें, 'अत्तार की बातें

रमज़ान की छब्बीसवीं है मुर्शिद की विलादत, दीदार की सा'अतमुमकिन ही नहीं वासिल-ए-दीदार की बातें, 'अत्तार की बातें

हम मिल के करें 'आशिक़-ए-सरकार की बातें, 'अत्तार की बातेंउस पीर-ए-हुदा, साहिब-ए-किरदार की बातें, 'अत्तार की बातें

ये मेरा क़लम मुझ पे मेहरबान हुवा है, क़लम दान हुवा हैलिखता है सदा मेरे तरफ़-दार की बातें, 'अत्तार की बातें

हम मिल के करें 'आशिक़-ए-सरकार की बातें, 'अत्तार की बातेंउस पीर-ए-हुदा, साहिब-ए-किरदार की बातें, 'अत्तार की बातें

इक बार तबीब आ कर बेख़ुद को दवा दो, तयबा की हवा दोपहुँचा दे कोई उन को ये बीमार की बातें, 'अत्तार की बातें

हम मिल के करें 'आशिक़-ए-सरकार की बातें, 'अत्तार की बातेंउस पीर-ए-हुदा, साहिब-ए-किरदार की बातें, 'अत्तार की बातें

मेरे दिल में निहाँ, मेरा 'अत्तार हैऔर तस्कीन-ए-जाँ, मेरा 'अत्तार हैरात-दिन बर-ज़बाँ, मेरा 'अत्तार हैमेरी रूह में रवाँ, मेरा 'अत्तार है

केवल उपलब्ध श्रेय दिखाए गए हैं; अनुपलब्ध जानकारी का अनुमान नहीं लगाया गया।