नात लिरिक्स

Ham-Zabaan-e-Tarjumaan-e-Mustafa Hazrat Umar

हम-ज़बान-ए-तर्जुमान-ए-मुस्तफ़ा हज़रत उमर

नात ख़्वान: जामी रज़ा क़ादरीशायर: वसीम बेख़ुदउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

हम-ज़बान-ए-तर्जुमान-ए-मुस्तफ़ा हज़रत 'उमरजल्वा-ए-नूरुल-हुदा का आईना हज़रत 'उमर

बा'द मेरे गर नबी होता कोई तो वो 'उमरये बताया है नबी ने मर्तबा हज़रत 'उमर

हम-ज़बान-ए-तर्जुमान-ए-मुस्तफ़ा हज़रत 'उमरजल्वा-ए-नूरुल-हुदा का आईना हज़रत 'उमर

हक़ को इन'आमात और बातिल का सर तन से जुदाइस तरह करते थे अक्सर फ़ैसला हज़रत 'उमर

हम-ज़बान-ए-तर्जुमान-ए-मुस्तफ़ा हज़रत 'उमरजल्वा-ए-नूरुल-हुदा का आईना हज़रत 'उमर

बिंत-ए-ज़हरा को दिया हज़रत 'उमर के 'अक़्द मेंजानते थे हज़रत-ए-हैदर, हैं क्या हज़रत 'उमर

हम-ज़बान-ए-तर्जुमान-ए-मुस्तफ़ा हज़रत 'उमरजल्वा-ए-नूरुल-हुदा का आईना हज़रत 'उमर

रोज़ भूकों और परेशाँ की ख़बर-गीरी करेंरात को भी गश्त करते थे सदा हज़रत 'उमर

हम-ज़बान-ए-तर्जुमान-ए-मुस्तफ़ा हज़रत 'उमरजल्वा-ए-नूरुल-हुदा का आईना हज़रत 'उमर

लिखा हैबत से ब-नाम-ए-दरिया इक ख़त आप नेऔर रुके दरिया को जारी कर दिया हज़रत 'उमर

हम-ज़बान-ए-तर्जुमान-ए-मुस्तफ़ा हज़रत 'उमरजल्वा-ए-नूरुल-हुदा का आईना हज़रत 'उमर

जिस गली से आप जाते, उस से शैताँ भागताआप का ऐसा था रो'ब-ओ-दबदबा हज़रत 'उमर

हम-ज़बान-ए-तर्जुमान-ए-मुस्तफ़ा हज़रत 'उमरजल्वा-ए-नूरुल-हुदा का आईना हज़रत 'उमर

ए अमीरुल-मोमिनीं ! बेख़ुद पे हो नज़र-ए-करमकर दो बे-कस, बे-सहारा का भला हज़रत 'उमर

हम-ज़बान-ए-तर्जुमान-ए-मुस्तफ़ा हज़रत 'उमरजल्वा-ए-नूरुल-हुदा का आईना हज़रत 'उमर

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