नात लिरिक्स

Hum Sunni To Ala Hazrat Wale Hain

हम सुन्नी तो आला हज़रत वाले हैं

नात ख़्वान: क़ुरैशी ब्रदर्सशायर: वसीम बेख़ुदउपलब्ध: हिंदी

शुक्र-ए-ख़ुदा कि रज़वी रंगत वाले हैंहम सुन्नी तो आ'ला हज़रत वाले हैं

हुब्ब-ए-नबी और हुब्ब-ए-सहाबा में चल कर'इश्क़-ए-'अली भी दिल में चलते हैं रख करअहल-ए-बैत की दिल से चाहत वाले हैंहम सुन्नी तो आ'ला हज़रत वाले हैं

आ'ला हज़रत वाले हैं, आ'ला हज़रत वाले हैंआ'ला हज़रत वाले हैं, आ'ला हज़रत वाले हैं

जिन को न क़ुरआँ में दिखे आक़ा की शानजिन को न आता है समझ कंज़-उल-ईमानवो नज्दी तो क़ौम-ए-ग़लाज़त वाले हैहम सुन्नी तो आ'ला हज़रत वाले हैं

शुक्र-ए-ख़ुदा कि रज़वी रंगत वाले हैंहम सुन्नी तो आ'ला हज़रत वाले हैं

बस्ती-बस्ती, करिया-करिया का ना'राइस ना'रे से गूँज उठा 'आलम सारासुन लो हम तो ताज-ए-शरी'अत वाले हैंहम सुन्नी तो आ'ला हज़रत वाले हैं

शुक्र-ए-ख़ुदा कि रज़वी रंगत वाले हैंहम सुन्नी तो आ'ला हज़रत वाले हैं

जिस ने पिलाया 'इश्क़-ए-रज़ा का जाम हमेंऔर सिखाया प्यारे रज़ा का नाम हमेंउस मुर्शिद की दिल से उल्फ़त वाले हैंहम सुन्नी तो आ'ला हज़रत वाले हैं

आ'ला हज़रत वाले हैं, आ'ला हज़रत वाले हैंआ'ला हज़रत वाले हैं, आ'ला हज़रत वाले हैं

शान से हम तो कहते हर-दम रहते हैंजो भी रज़ा के नाम से जलते रहते हैंउन की जलन में वज्ह-ए-कसरत वाले हैंहम सुन्नी तो आ'ला हज़रत वाले हैं

शुक्र-ए-ख़ुदा कि रज़वी रंगत वाले हैंहम सुन्नी तो आ'ला हज़रत वाले हैं

पीर मिला 'अत्तार हमें जग में आ'लारज़वी, ज़ियाई, क़ादरी जिस ने कर डालाबेख़ुद ! हम तो ऐसी क़िस्मत वाले हैंहम सुन्नी तो आ'ला हज़रत वाले हैं

शुक्र-ए-ख़ुदा कि रज़वी रंगत वाले हैंहम सुन्नी तो आ'ला हज़रत वाले हैं

आ'ला हज़रत वाले हैं, आ'ला हज़रत वाले हैंआ'ला हज़रत वाले हैं, आ'ला हज़रत वाले हैं

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