नात लिरिक्स

Hai Fazl Khuda Ka Shaam-o-Sahar. Attar Hamaara Murshid Hai

है फ़ज़्ल ख़ुदा का शाम-ओ-सहर, अत्तार हमारा मुर्शिद है

नात ख़्वान: हसनैन अत्तारीशायर: वसीम बेख़ुदउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

मेरा पीर बड़ा लज-पालमेरा पीर है 'अत्तार

निस्बत ने दिया है रंग-ए-रज़ा'अत्तार पिया ! 'अत्तार पिया !'उलमा के दिलों में पाई जगह'अत्तार पिया ! 'अत्तार पिया !और 'इश्क़ सहाबा का भी दिया'अत्तार पिया ! 'अत्तार पिया !क्या शान तुम्हारी है ,वल्लाह !'अत्तार पिया ! 'अत्तार पिया !

है फ़ज़्ल ख़ुदा का शाम-ओ-सहर'अत्तार हमारा मुर्शिद हैहै नाज़ हमें भी क़िस्मत पर'अत्तार हमारा मुर्शिद है

क्या निस्बत ऐसी दी प्यारीहर बच्चा हमारा 'अत्तारीबस एक सदा है ये घर घर'अत्तार हमारा मुर्शिद है

है फ़ज़्ल ख़ुदा का शाम-ओ-सहर'अत्तार हमारा मुर्शिद हैहै नाज़ हमें भी क़िस्मत पर'अत्तार हमारा मुर्शिद है

दीदार तुम्हारा जब पाएँअल्लाह हमें याद आ जाएहै रब का वली, नूरी पैकर'अत्तार हमारा मुर्शिद है

है फ़ज़्ल ख़ुदा का शाम-ओ-सहर'अत्तार हमारा मुर्शिद हैहै नाज़ हमें भी क़िस्मत पर'अत्तार हमारा मुर्शिद है

यूँ फ़ैज़-ए-मदीना आम कियाहर चीज़ को मदनी नाम दियाक्या ख़ूब मिला निस्बत का असर'अत्तार हमारा मुर्शिद है

है फ़ज़्ल ख़ुदा का शाम-ओ-सहर'अत्तार हमारा मुर्शिद हैहै नाज़ हमें भी क़िस्मत पर'अत्तार हमारा मुर्शिद है

निस्बत ने दिया है रंग-ए-रज़ा'अत्तार पिया ! 'अत्तार पिया !'उलमा के दिलों में पाई जगह'अत्तार पिया ! 'अत्तार पिया !और 'इश्क़ सहाबा का भी दिया'अत्तार पिया ! 'अत्तार पिया !क्या शान तुम्हारी है ,वल्लाह !'अत्तार पिया ! 'अत्तार पिया !

मुस्कान भी तेरी प्यारी हैहर एक अदा भी न्यारी हैजो देखे, यही बोले अक्सर'अत्तार हमारा मुर्शिद है

है फ़ज़्ल ख़ुदा का शाम-ओ-सहर'अत्तार हमारा मुर्शिद हैहै नाज़ हमें भी क़िस्मत पर'अत्तार हमारा मुर्शिद है

हर एक सहाबी जन्नत केहक़दार, ये ना'रा हम को दियाफिर क्यूँ न कहें हम बढ़ चढ़ कर'अत्तार हमारा मुर्शिद है

है फ़ज़्ल ख़ुदा का शाम-ओ-सहर'अत्तार हमारा मुर्शिद हैहै नाज़ हमें भी क़िस्मत पर'अत्तार हमारा मुर्शिद है

बेख़ुद ! है ये फ़ज़्ल-ए-रहमानीमुर्शिद भी मिला है ला-सानीकहते हैं करोड़ों दिल मिल कर'अत्तार हमारा मुर्शिद है

केवल उपलब्ध श्रेय दिखाए गए हैं; अनुपलब्ध जानकारी का अनुमान नहीं लगाया गया।