नात लिरिक्स

Ghaus Ka Karam Ghaus Ki Ata Gyarvi Sharif Gyarvi Sharif

ग़ौस का करम ग़ौस की अता ग्यारहवीं शरीफ़ ग्यारहवीं शरीफ़

नात ख़्वान: ग़ुलाम मुस्तफ़ा क़ादरीशायर: वसीम बेख़ुदउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

ग़ौस का करम, ग़ौस की 'अताग्यारहवीं शरीफ़, ग्यारहवीं शरीफ़'आशिक़ों का दिल आज बोल उठाग्यारहवीं शरीफ़, ग्यारहवीं शरीफ़

ग़ौस का करम, ग़ौस की 'अताग्यारहवीं शरीफ़, ग्यारहवीं शरीफ़

गर 'अदू-ए-दीन का दिल जले, या दिलरुबा !रुक सका न रुक सके, जश्न ग़ौस-ए-पाक काहम मनाएँगे, बा-ख़ुदा ! सदाग्यारहवीं शरीफ़, ग्यारहवीं शरीफ़

ग़ौस का करम, ग़ौस की 'अताग्यारहवीं शरीफ़, ग्यारहवीं शरीफ़

महफ़िलों का दौर है, हर गली में शोर हैख़ूब कीजिए नियाज़, सुन्नियों का तौर हैफ़ज़्ल-ए-किब्रिया, शान-ए-औलियाग्यारहवीं शरीफ़, ग्यारहवीं शरीफ़

ग़ौस का करम, ग़ौस की 'अताग्यारहवीं शरीफ़, ग्यारहवीं शरीफ़

ये करामतें भी, हाँ ! देखी हम ने बारहाग़ौस-ए-पाक ने वली चोर को बना दियाउन का नक़्श-ए-पा चूमे औलियाग्यारहवीं शरीफ़, ग्यारहवीं शरीफ़

ग़ौस का करम, ग़ौस की 'अताग्यारहवीं शरीफ़, ग्यारहवीं शरीफ़

जलने वाला तो जले, उस का हम भी क्या करेंमहफ़िलों में ना'रा अब ग़ौस-ए-पाक का लगेना'रा ग़ौस का, झूम कर लगाग्यारहवीं शरीफ़, ग्यारहवीं शरीफ़

ग़ौस का करम, ग़ौस की 'अताग्यारहवीं शरीफ़, ग्यारहवीं शरीफ़

इस का फ़ैज़ ग़ैर भी रात-दिन उठा रहेजिन्न-ओ-इंसां 'इश्क़ में जश्न ये मना रहे'इश्क़ की जज़ा, बुग़्ज़ की सज़ाग्यारहवीं शरीफ़, ग्यारहवीं शरीफ़

ग़ौस का करम, ग़ौस की 'अताग्यारहवीं शरीफ़, ग्यारहवीं शरीफ़

उन की ज़ात बा-वक़ार, उन का नाम शानदारबेख़ुद-ए-हज़ीं ! मिला उन के ज़िक्र से क़रारकैसे छोड़ दूँ, फिर बता ज़राग्यारहवीं शरीफ़, ग्यारहवीं शरीफ़

ग़ौस का करम, ग़ौस की 'अताग्यारहवीं शरीफ़, ग्यारहवीं शरीफ़

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