नात लिरिक्स

Hujoom-e-Gham Mein Ghira Hua Hun Huzoor Mera Khayal Rakhiye

हुजूम-ए-ग़म में घिरा हुआ हूँ हुज़ूर मेरा ख़याल रखिए

नात ख़्वान: असद रज़ा अत्तारीशायर: रियाज़ हुसैन चौधरीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

हुजूम-ए-ग़म में घिरा हुआ हूँ, हुज़ूर ! मेरा ख़याल रखिएमैं दर पे कब से पड़ा हुआ हूँ, हुज़ूर ! मेरा ख़याल रखिए

न कोई हमदम, न कोई साथी, किसे मैं रूदाद-ए-ग़म सुनाऊँमैं बे-सहारा पड़ा हुआ हूँ, हुज़ूर ! मेरा ख़याल रखिए

मेरे हैं चारों तरफ़ मसाइल, है रूह अंदर से मेरी घाइलमैं ठोकरों में पला हुआ हूँ,  हुज़ूर ! मेरा ख़याल रखिए

उदास लम्हों में जी रहा हूँ, मैं तल्ख़ मौसम को पी रहा हूँमैं आँसुओं से बुना हुआ हूँ, हुज़ूर ! मेरा ख़याल रखिए

कहीं ये मुझ को जला न डाले, जला के मुझ को बुझा न डालेमैं आब-ए-ज़र से डरा हुआ हूँ, हुज़ूर ! मेरा ख़याल रखिए

मैं हर्फ़-ए-मतलब सजा के तिश्ना लबों पे लाया हूँ, मेरे आक़ा !मैं 'उम्र भर का लुटा हुआ हूँ, हुज़ूर ! मेरा ख़याल रखिए

रियाज़ शा'इर हूँ आप का मैं, अदब से दर पर खड़ा हूँ कब सेयहाँ मक़ामी बना हुआ हूँ, हुज़ूर ! मेरा ख़याल रखिए

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