नात लिरिक्स

Har Sahabi-e-Nabi Jannati Jannati (All Versions)

हर सहाबी-ए-नबी जन्नती जन्नती

नात ख़्वान: मुहम्मद हस्सान रज़ा क़ादरीशायर: अल्लामा निसार अली उजागरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

जानम फ़िदा-ए-बू-बकरबू-बकर, अबू-बकर

सिद्दीक़ भी ! जन्नती !फ़ारूक़ भी ! जन्नती !'उस्मान भी ! जन्नती !हैदर भी ! जन्नती !

हर सहाबी-ए-नबी ! जन्नती जन्नती !हर सहाबी-ए-नबी ! जन्नती जन्नती !

ये सब रब से राज़ी, ख़ुदा इन से राज़ीकिताब-ए-ख़ुदा में तो लिक्खा यही है

हर सहाबी-ए-नबी ! जन्नती जन्नती !हर सहाबी-ए-नबी ! जन्नती जन्नती !

नबी का सहाबी हर इक जन्नती हैयही कहता आया हर इक उम्मती है

सहाबा का शातिम, नबी का है शातिमये कह दो, उजागर ! हदीस-ए-नबी है

हर सहाबी-ए-नबी ! जन्नती जन्नती !हर सहाबी-ए-नबी ! जन्नती जन्नती !

सिद्दीक़ भी ! जन्नती !फ़ारूक़ भी ! जन्नती !'उस्मान भी ! जन्नती !हैदर भी ! जन्नती !

यही चारों ख़ुलफ़ा हैं मेरा 'अक़ीदाअबू-बक्र-ओ-फ़ारूक़-ओ-'उस्मान-ओ-हैदर

हर सहाबी-ए-नबी ! जन्नती जन्नती !हर सहाबी-ए-नबी ! जन्नती जन्नती !

सालार-ए-सहाबा, वो पहला ख़लीफ़ासरकार का प्यारा, सिद्दीक़ हमाराहर सुन्नी का ना'रा, सिद्दीक़ हमारा

हर सहाबी-ए-नबी ! जन्नती जन्नती !हर सहाबी-ए-नबी ! जन्नती जन्नती !

मु'आविया के प्यार से अपना तो बेड़ा पार हैगुनाह बख़्शवाएगी शफ़ा'अत-ए-मु'आविया

हर सहाबी-ए-नबी ! जन्नती जन्नती !हर सहाबी-ए-नबी ! जन्नती जन्नती !

सिद्दीक़ भी ! जन्नती !फ़ारूक़ भी ! जन्नती !'उस्मान भी ! जन्नती !हैदर भी ! जन्नती !

इक नाम चार यारों में शेर-ए-ख़ुदा का हैइक नाम पंजतन में भी मुश्किल-कुशा का है

नाम-ए-'अली जो आ गया मेरी ज़बान परजिब्रील मुस्कुराने लगे आसमान पर

मुन्किर की क्या मजाल मेरे घर में आ सकेनाद-ए-'अली जो लिख दिया मेरे मकान पर

हैदर मौला 'अली 'अली ! 'अली 'अली मौला !हैदर मौला 'अली 'अली ! 'अली 'अली मौला !

अदब से सहाबा का तुम नाम लेनाये बख़्शे हुए हैं, ये हर्फ़-ए-जली है

हर सहाबी-ए-नबी ! जन्नती जन्नती !हर सहाबी-ए-नबी ! जन्नती जन्नती !

सिद्दीक़ भी ! जन्नती !फ़ारूक़ भी ! जन्नती !'उस्मान भी ! जन्नती !हैदर भी ! जन्नती !

बुरी बात अपनी ज़बाँ से न बोलोसहाबा की तौहीन-ओ-बे-हुरमती है

हर सहाबी-ए-नबी ! जन्नती जन्नती !हर सहाबी-ए-नबी ! जन्नती जन्नती !

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