नात लिरिक्स

Ahl-e-Sunnat Par Bareilly Wale Ka Ehsan Hai

अहल-ए-सुन्नत पर बरेली वाले का एहसान है

नात ख़्वान: मुहम्मद हस्सान रज़ा क़ादरीशायर: शौक़ फ़रीदी इंडियाउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

'आशिक़ान-ए-सय्यिद-ए-अबरार का ए'लान हैअहल-ए-सुन्नत पर बरेली वाले का एहसान है

हक़्क़-ओ-बातिल का है उस ने फ़र्क़ वाज़ेह कर दिया'इश्क़ अहल-ए-बैत और असहाब का सिखला दियाअहल-ए-हक़ की दौर-ए-हाज़िर में वही पहचान हैअहल-ए-सुन्नत पर बरेली वाले का एहसान है

'आशिक़ान-ए-सय्यिद-ए-अबरार का ए'लान हैअहल-ए-सुन्नत पर बरेली वाले का एहसान है

जब सवाल आया कि क्या है 'इल्म-ए-ग़ैब-ए-मुस्तफ़ाघंटों में अद्दौलतुल-मक्किया उस ने लिख दियाउस की इस काविश पे दुनिया आज तक हैरान हैअहल-ए-सुन्नत पर बरेली वाले का एहसान है

'आशिक़ान-ए-सय्यिद-ए-अबरार का ए'लान हैअहल-ए-सुन्नत पर बरेली वाले का एहसान है

कंज़ुल-ईमाँ का उसी ने हम को है तोहफ़ा दियारहनुमाई के लिए बख़्शा फ़तावा रज़वियाना'त-ख़्वानी में बना वो हिन्द का हस्सान हैअहल-ए-सुन्नत पर बरेली वाले का एहसान है

'आशिक़ान-ए-सय्यिद-ए-अबरार का ए'लान हैअहल-ए-सुन्नत पर बरेली वाले का एहसान है

वो है पहरे-दार नामूस-ए-शह-ए-अबरार काऔर खुला दुश्मन है शाह-ए-दीन के ग़द्दार काजान-ओ-दिल से वो शह-ए-कौनैन पर क़ुर्बान हैअहल-ए-सुन्नत पर बरेली वाले का एहसान है

'आशिक़ान-ए-सय्यिद-ए-अबरार का ए'लान हैअहल-ए-सुन्नत पर बरेली वाले का एहसान है

ख़ानक़ाहों की तक़द्दुस का मुहाफ़िज़ है वहीहक़-परस्तों के 'अक़ीदे की हिफ़ाज़त उस ने कीबिल-यक़ीं वो हाफ़िज़-ए-इस्लाम और ईमान हैअहल-ए-सुन्नत पर बरेली वाले का एहसान है

'आशिक़ान-ए-सय्यिद-ए-अबरार का ए'लान हैअहल-ए-सुन्नत पर बरेली वाले का एहसान है

'आशिक़-ए-सादिक़ है वो कौनैन के सुल्तान काउस का, ऐ शौक़-ए-फ़रीदी ! होगा यूँही तज़्किरावो नबी के 'आशिक़ों का सय्यिद-ओ-सुल्तान हैअहल-ए-सुन्नत पर बरेली वाले का एहसान है

'आशिक़ान-ए-सय्यिद-ए-अबरार का ए'लान हैअहल-ए-सुन्नत पर बरेली वाले का एहसान है

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