नात लिरिक्स

Damad-e-Nabi Haidar-e-Karrar Ali Hain

दामाद-ए-नबी हैदर-ए-कर्रार अली हैं

नात ख़्वान: मुहम्मद हस्सान रज़ा क़ादरीशायर: मुहम्मद शौक़ीन नवाज़ - शौक़ फ़रीदीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

या 'अली ! या 'अली ! या 'अली ! या 'अली !

मौला मौला 'अली ! मौला मौला 'अली !मौला मौला 'अली ! मौला मौला 'अली !

'अली मौला 'अली ! 'अली मौला 'अली !'अली मौला 'अली ! 'अली मौला 'अली !'अली मौला 'अली ! 'अली 'अली 'अली 'अली !

दामाद-ए-नबी, हैदर-ए-कर्रार 'अली हैंदुश्मन के लिए ख़ंजर-ए-ख़ूँख़ार 'अली है

दामाद-ए-नबी, हैदर-ए-कर्रार 'अली हैं

'उश्शाक़ों के इजलास में ग़म-ख़्वार 'अली हैंऔर जंग के मैदान में तलवार 'अली हैं

दामाद-ए-नबी, हैदर-ए-कर्रार 'अली हैं

टकराओ न, ऐ दुश्मन-ए-दीं ! होश में आओमिल जाओगे तुम ख़ाक में, अंगार 'अली हैं

दामाद-ए-नबी, हैदर-ए-कर्रार 'अली हैं

'अली मौला 'अली ! 'अली मौला 'अली !'अली मौला 'अली ! 'अली मौला 'अली !'अली मौला 'अली ! 'अली 'अली 'अली 'अली !

एक वार में मरहब को किया जिस ने फ़ना हैवो दीं के वफ़ादार, वो जर्रार 'अली हैं

दामाद-ए-नबी, हैदर-ए-कर्रार 'अली हैं

हैं ख़ुल्द के हक़दार तो बस 'आशिक़-ए-हैदरवो दोज़ख़ी है जिन से भी बेज़ार 'अली हैं

ग़द्दारों का दिल काँपता है नाम से जिन केवो शेर-ए-बबर, आक़ा के दिलदार 'अली हैं

दामाद-ए-नबी, हैदर-ए-कर्रार 'अली हैं

'अली मौला 'अली ! 'अली मौला 'अली !'अली मौला 'अली ! 'अली मौला 'अली !'अली मौला 'अली ! 'अली 'अली 'अली 'अली !

है नाम-ए-'अली पंजतन-ए-पाक में शामिलऔर चारो ख़लीफ़ा में भी इक यार 'अली हैं

दामाद-ए-नबी, हैदर-ए-कर्रार 'अली हैं

करता हूँ यही ख़त्म-ए-सुख़न, शौक़-ए-फ़रीदी !सुलतान-ए-मदीना के वफ़ादार 'अली हैं

दामाद-ए-नबी, हैदर-ए-कर्रार 'अली हैं

'अली मौला 'अली ! 'अली मौला 'अली !'अली मौला 'अली ! 'अली मौला 'अली !'अली मौला 'अली ! 'अली 'अली 'अली 'अली !

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