नात लिरिक्स

Ghulamo Salamon Ke Naghme Sunao Ki Duniya Mein Khair-ul-Wara Aa Gaye Hain

ग़ुलामो सलामों के नग़्मे सुनाओ कि दुनिया में ख़ैर-उल-वरा आ गए हैं

नात ख़्वान: ओवैस रज़ा क़ादरीशायर: अब्दुल सत्तार नियाज़ीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

ग़ुलामो ! सलामों के नग़्मे सुनाओ कि दुनिया में ख़ैर-उल-वरा आ गए हैंमुबारक तुम्हें, 'आसियो ! ग़म के मारो ! मुहम्मद हबीब-ए-ख़ुदा आ गए हैं

खिले फूल ग़ुंचे, सजी डाली डाली, हैं तशरीफ़ लाए दो 'आलम के वालीचमन-दर-चमन हो रही है मुनादी, शहंशाह-ए-अर्ज़-ओ-समा आ गए हैं

ख़ुदा है मेहरबाँ, ख़ुदाई भी क़ुर्बां, महक जिस की फैली गुलिस्ताँ गुलिस्ताँये कितना करम है तेरे घर, हलीमा ! वो प्यारे नबी मुस्तफ़ा आ गए हैं

अमीरो-फ़क़ीरो ! अरे बे-नवाओ ! दो 'आलम के दाता की महफ़िल सजाओतुम अपने मुक़द्दर पे झूमो, गदाओ ! दो 'आलम के हाजत-रवा आ गए हैं

अरे मुश्किलो ! मुश्किलों में न घेरो, न तन्हा समझ कर मुझे आज छेड़ोनिकल जाओ मुँह को छुपा कर यहाँ से कि मेरे भी मुश्किल-कुशा आ गए हैं

ये कौन आया ओढ़े करम का दोशाला, मेरी लाज वाला, मेरी लाज वालाइसी बात ने 'आसियों को सँभाला कि शाफ़े'-ए-रोज़-ए-जज़ा आ गए हैं

पढ़े जा नबी की तू ना'तें, नियाज़ी ! नबी तुझ पे राज़ी, ख़ुदा तुझ पे राज़ीतेरा ख़ाली दामन भरा ही रहेगा कि मंबा'-ए-जूद-ओ-सख़ा आ गए हैं

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