नात लिरिक्स

Fatima Teri Chadar Ka Kya Poochhna | Fatima Teri Chadar Ka Kya Puchna

फ़ातिमा तेरी चादर का क्या पूछना

नात ख़्वान: सय्यिद अब्दुल क़ादिर अल-क़ादरीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

सय्यिदा ! तय्यिबा ! ताहिरा ! 'आबिदा !सय्यिदा ! फ़ातिमा ! सय्यिदा ! फ़ातिमा !

फ़ातिमा ! तेरी चादर का क्या पूछनातेरी चादर का एहसान इस्लाम परतेरी चादर के टुकड़े बहत्तर हुएउन बहत्तर का एहसान इस्लाम पर

फ़ातिमा ! तेरी चादर का क्या पूछना

या सय्यिदा ! या फ़ातिमा !या सय्यिदा ! या फ़ातिमा !

सय्यिदा ! तेरे बाबा हबीब-ए-ख़ुदातेरे शौहर हैं मौला 'अली मुर्तज़ातेरे बच्चे शहीदान-ए-कर्ब-ओ-बलातेरे घर-भर का एहसान इस्लाम पर

फ़ातिमा ! तेरी चादर का क्या पूछना

सय्यिदा ! फ़ातिमा ! सय्यिदा ! फ़ातिमा !

हुसैन बन के ज़माने में छा गई ज़ैनबज़ुबाँ की तेग़ से कूफ़ा हिला गई ज़ैनबक़दम क़दम पे जलाए हुसैनियत के चराग़दिये यज़ीद के सारे बुझा गई ज़ैनब

रन में ज़ैनब ने यूँ हक़ अदा कर दियाया'नी ता'मील-ए-हुक्म-ए-ख़ुदा कर दियाअपने बच्चों को दीं पर फ़िदा कर दियाऐसी मादर का एहसान इस्लाम पर

फ़ातिमा ! तेरी चादर का क्या पूछना

या सय्यिदा ! या फ़ातिमा !या सय्यिदा ! या फ़ातिमा !

ज़िक्र-ए-जाँ-बाज़ तालिब करे क्या बयाँलुट गए रन में जब सारे पीर-ओ-जवाँहद तो ये है कि इक तिश्ना-लब बे-ज़बाँनन्हे असग़र का एहसान इस्लाम पर

फ़ातिमा ! तेरी चादर का क्या पूछना

सय्यिदा ! फ़ातिमा ! सय्यिदा ! फ़ातिमा !

केवल उपलब्ध श्रेय दिखाए गए हैं; अनुपलब्ध जानकारी का अनुमान नहीं लगाया गया।