नात लिरिक्स

Arzi Hai Yahi Aap Se Sultan-e-Madina

अर्ज़ी है यही आप से सुल्तान-ए-मदीना

नात ख़्वान: सय्यिद अब्दुल क़ादिर अल-क़ादरीशायर: शौक़ फ़रीदीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

'अर्ज़ी है यही आप से, सुल्तान-ए-मदीना !हर साल बनाएँ मुझे मेहमान-ए-मदीना

'अर्ज़ी है यही आप से, सुल्तान-ए-मदीना !

महशर में 'अमल पूछेगा मौला तो कहूँगासरकार का नौकर हूँ, सना-ख़्वान-ए-मदीना

'अर्ज़ी है यही आप से, सुल्तान-ए-मदीना !

ता-'उम्र करूँ आप की मैं मद्ह-सराईदे दीजे शरफ़ मुझ को ये, सुल्तान-ए-मदीना !

'अर्ज़ी है यही आप से, सुल्तान-ए-मदीना !

इक मैं ही नहीं करता फ़क़त दा'वा-ए-उल्फ़तहैं रब के फ़रिश्ते भी फ़िदायान-ए-मदीना

'अर्ज़ी है यही आप से, सुल्तान-ए-मदीना !

आते हैं यहाँ शाम-ओ-सहर हूर-ओ-मलाइकहोगी न बयाँ मुझ से कभी शान-ए-मदीना

'अर्ज़ी है यही आप से, सुल्तान-ए-मदीना !

हसरत है यही शौक़-ए-फ़रीदी की, ऐ आक़ा !महशर में भी कहलाऊँ मैं मस्तान-ए-मदीना

'अर्ज़ी है यही आप से, सुल्तान-ए-मदीना !

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