नात लिरिक्स

Charsoo Tera Jalwa Hai Ashraf Piya

चार-सू तेरा जल्वा है अशरफ़ पिया

नात ख़्वान: सय्यिद अब्दुल क़ादिर अल-क़ादरीशायर: मशहूद रज़ा क़ादरी बलरामपुरीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

सरवरा शाहा करीमा दस्तगीरा अशरफ़ाहुर्मत-ए-रूह-ए-पयम्बर यक नज़र कुन सू-ए-मा

ये बड़ा फ़ज़्ल रब का है, अशरफ़ पिया !चार-सू तेरा जल्वा है, अशरफ़ पिया !

नाप पाया न कद जब ज़माना तेराझूम कर बोल उठा फिर दिवाना तेरामर्तबा कितना ऊँचा है, अशरफ़ पिया !चार-सू तेरा जल्वा है, अशरफ़ पिया !

तुझ को जाँ मैं कहूँ, जान-ए-जानाँ कहूँया मैं फिर 'आशिक़-ए-जान-ए-ईमाँ कहूँरब ही जाने कि क्या क्या है अशरफ़ पियाचार-सू तेरा जल्वा है, अशरफ़ पिया !

तख़्त-ए-शाही को क़दमों से ठुकरा दियारब ने बख़्शा था ऐसा तुझे हौसलाराज़ कैसा अनोखा है, अशरफ़ पिया !चार-सू तेरा जल्वा है, अशरफ़ पिया !

जान-ए-'आलम के सदक़े से, ऐ सय्यिदी !ज़ख़्म-ए-दिल की दवा कीजिए, मुर्शिदी !टूटे दिल ने पुकारा है, अशरफ़ पिया !चार-सू तेरा जल्वा है, अशरफ़ पिया !

अपने मशहूद पर कर दो चश्म-ए-करमसुन लो 'अर्ज़ी मेरी बहर-ए-शाह-ए-उमममेरे दिल की तमन्ना है, अशरफ़ पिया !चार-सू तेरा जल्वा है, अशरफ़ पिया !

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