नात लिरिक्स

Duniya Mein Goonjta Hai Taraana Husain Ka | Hamaare Hain Husain

दुनिया में गूँजता है तराना हुसैन का | हमारे हैं हुसैन

नात ख़्वान: हाफ़िज़ ताहिर क़ादरी और हाफ़िज़ अहसन क़ादरीशायर: अल्लामा निसार अली उजागरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

हुसैन ! या हुसैन !हुसैन ! या हुसैन !

दिल से पुकारो हुसैनदिल से पुकारो हुसैन

इंसान को बेदार तो हो लेने दोहर क़ौम पुकारेगी हमारे हैं हुसैन

हमारे हैं हुसैन, हमारे हैं हुसैन

दुनिया में गूँजता है तराना हुसैन काइंसानियत को काफ़ी है ख़ुत्बा हुसैन का

शब्बीर ! तेरे काँधों पे दीन-ए-रसूल हैइस्लाम को है अब भी सहारा हुसैन का

हमारे हैं हुसैन, हमारे हैं हुसैन

तलवार है हुसैन कीललकार है हुसैन की

सरकार का 'अमामा है सर पर हुसैन केऔर हम्ज़ा की सिपर है बदन पर हुसैन के

हाथों में लिए आ गया शब्बीर ज़ुल्फ़िक़ारये शेर है 'अली का, पलट कर करेगा वार

ये फातिमा के लाल का परचम है अल-अमानअल्लाह रे ! जलाल का 'आलम है अल-अमान

किस क़हर का है सामना, चमकी है ज़ुल्फ़िक़ारदो-नीम करने सूरमा चमकी है ज़ुल्फ़िक़ार

खा खा गई सफ़ों की सफ़ें आज ज़ुल्फ़िक़ारकिस की मजाल है कि करे सामने से वार

देखो, यज़ीदियो ! ज़रा शब्बीर का मिज़ाजतुम सारे मारे जाओगे लड़ते रहे जो आज

लेकिन रज़ा-ए-मौला में झुकता है अब हुसैनसज्दे में सर झुकाने को रुकता है अब हुसैन

दीन-ए-मतीन के लिए सब कुछ लुटा दियामेरे हुसैन ! तुम ने घराना लुटा दिया

कर्ब-ओ-बला का देख लो फ़ातेह हुसैन हैइस्लाम ज़िंदा है तो फिर ज़िंदा हुसैन है

हुसैन ज़िंदाबाद ! हुसैन ज़िंदाबाद !

हमारे हैं हुसैन, हमारे हैं हुसैन

दुनिया में गूँजता है तराना हुसैन काइंसानियत को काफ़ी है ख़ुत्बा हुसैन का

जज़्बात ग़ाज़ियों के मरेंगे नहीं कभीज़िंदा हमें जो रखता है जज़्बा हुसैन का

हमारे हैं हुसैन, हमारे हैं हुसैन

दुनिया में गूँजता है तराना हुसैन काइंसानियत को काफ़ी है ख़ुत्बा हुसैन का

न आसमाँ, न किसी शाँ-नशीं से निकलेगा'अली के 'इश्क़ का सूरज जबीं से निकलेगा

जहाँ जहाँ पे भी पहरे बिठाए जाएँगेजुलूस-ए-'इश्क़-ए-हुसैनी वहीं से निकलेगा

ये कर्बला है देख लो इसे, जहाँ वालो !यज़ीदियत का जनाज़ा यहीं से निकलेगा

कर्ब-ओ-बला से उट्ठेगी मय्यत यज़ीद कीलेकिन हमेशा चमकेगा रौज़ा हुसैन का

हमारे हैं हुसैन, हमारे हैं हुसैन

कोई अता पता नहीं नस्ल-ए-यज़ीद कासारे जहान में है घराना हुसैन का

हमारे हैं हुसैन, हमारे हैं हुसैन

तुझ को हमेशा देगी उजागर नबी की आलतू कामियाब हो गया, बंदा हुसैन का

हमारे हैं हुसैन, हमारे हैं हुसैन

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