नात लिरिक्स

Chalo Madine Chalte Hain

चलो मदीने चलते हैं

नात ख़्वान: सय्यिद रैहान क़ादरीशायर: ख़ालिद महमूद नक़्शबंदीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

चलो मदीने चलते हैंचलो मदीने चलते हैं

चलो चलो, चलो चलो, चलो नाचलो चलो, चलो चलो, चलो ना

चलो दयार-ए-नबी की जानिब, दुरूद लब पर सजा सजा करबहारें लूटेंगे हम करम की, दिलों को दामन बना बना कर

चलो मदीने चलते हैंचलो मदीने चलते हैं

ज़र्रे ज़र्रे पे छाया हुवा नूर हैमेरे मीठे मदीने की क्या बात हैनूर से सब फ़ज़ा इस की मा'मूर हैमेरे मीठे मदीने की क्या बात है

नूर फूलों में है, नूर कलियों में हैनूर बाज़ार में, नूर गलियों में हैदश्त-ओ-कुहसार पर नूर ही नूर हैमेरे मीठे मदीने की क्या बात है

न उन के जैसा सख़ी है कोई, न उन के जैसा ग़नी है कोईवो बे-नवाओं को हर जगह से नवाज़ते हैं बुला बुला कर

चलो मदीने चलते हैंचलो मदीने चलते हैं

मैं वो निकम्मा हूँ जिस की झोली में कोई हुस्न-ए-'अमल नहीं हैमगर वो एहसान कर रहे हैं ख़ताएँ मेरी छुपा छुपा कर

चलो मदीने चलते हैंचलो मदीने चलते हैं

चलो चलो, चलो चलो, चलो नाचलो चलो, चलो चलो, चलो ना

कैफ़-ओ-मस्ती में डूबे हुए रात-दिनभीनी ख़ुश्बू से महके हुए रात-दिनजिस को देखो यहाँ आ के मसरूर हैमेरे मीठे मदीने की क्या बात है

है उन को उम्मत से प्यार कितना ! करम है रहमत-शि'आर कितना !हमारे जुर्मों को धो रहे हैं, हुज़ूर आँसू बहा बहा कर

चलो मदीने चलते हैंचलो मदीने चलते हैं

अगर मुक़द्दर ने यावरी की, अगर मदीने गया मैं, ख़ालिद !क़दम क़दम ख़ाक उस गली की मैं चूम लूँगा उठा उठा कर

चलो मदीने चलते हैंचलो मदीने चलते हैं

चलो चलो, चलो चलो, चलो नाचलो चलो, चलो चलो, चलो ना

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