नात लिरिक्स

Hum Ko Apni Talab Se Siwa Chahiye

हम को अपनी तलब से सिवा चाहिए

नात ख़्वान: ओवैस रज़ा क़ादरीशायर: ख़ालिद महमूद नक़्शबंदीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

हम को अपनी तलब से सिवा चाहिएआप जैसे हैं वैसी 'अता चाहिए

क्यूँ कहें ये 'अता वो 'अता चाहिएआप को 'इल्म है हम को क्या चाहिए

भर के झोली मेरी मेरे सरकार नेमुस्कुरा कर कहा और क्या चाहिए

इक क़दम भी न हम चल सकेंगे, हुज़ूर !हर क़दम पे करम आप का चाहिए

आप अपनी ग़ुलामी की दे दें सनदबस यही 'इज़्ज़त-ओ-मर्तबा चाहिए

आप के 'इश्क़ में हम तड़पते तो हैंहर तड़प में ओवैसी अदा चाहिए

दर्द-ए-जामी मिले, ना'त ख़ालिद ! लिखूँऔर अंदाज़-ए-अहमद-रज़ा चाहिए

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