नात लिरिक्स

Aye Rasool-e-Ameen Khatam-ul-Mursaleen | Tujh Sa Koi Nahin

ऐ रसूल-ए-अमीं ख़ातम-उल-मुर्सलीं | तुझ सा कोई नहीं

नात ख़्वान: सय्यिद ज़बीब मसूदशायर: सय्यिद नफ़ीस अल-हुसैनीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

ऐ रसूल-ए-अमीं, ख़ातम-उल-मुर्सलीं !तुझ सा कोई नहीं, तुझ सा कोई नहींहै 'अक़ीदा ये अपना ब-सिद्क़-ओ-यक़ींतुझ सा कोई नहीं, तुझ सा कोई नहीं

दस्त-ए-क़ुदरत ने ऐसा बनाया तुझेजुम्ला औसाफ़ से ख़ुद सजाया तुझेऐ अज़ल के हसीं ! ऐ अबद के हसीं !तुझ सा कोई नहीं, तुझ सा कोई नहीं

बज़्म-ए-कौनैन पहले सजाई गईफिर तेरी ज़ात मंज़र पे लाई गईसय्यिद-उल-अव्वलीं ! सय्यिद-उल-आख़िरीं !तुझ सा कोई नहीं, तुझ सा कोई नहीं

तेरा सिक्का रवाँ कुल जहाँ में हुआइस ज़मीं में हुआ, आसमाँ में हुआक्या 'अरब क्या 'अजम, सब हैं ज़ेर-ए-नगींतुझ सा कोई नहीं, तुझ सा कोई नहीं

तेरे अंदाज़ में वुस'अतें फ़र्श कीतेरी परवाज़ में रिफ़'अतें 'अर्श कीतेरे अन्फ़ास में ख़ुल्द की यासमींतुझ सा कोई नहीं, तुझ सा कोई नहीं

सिद्रतुल-मुंतहा रह-गुज़र में तेरीक़ाब-क़ौसैन गर्द-ए-सफ़र में तेरीतू है हक़ के क़रीं, हक़ है तेरे क़रींतुझ सा कोई नहीं, तुझ सा कोई नहीं

कहकशाँ ज़ौ तेरे सरमदी ताज कीज़ुल्फ़-ए-ताबाँ हसीं रात मे'राज कीलैलतुल-क़द्र तेरी मुनव्वर जबींतुझ सा कोई नहीं, तुझ सा कोई नहीं

मुस्तफ़ा मुज्तबा ! तेरी मद्ह-ओ-सनामेरे बस में नहीं, दस्तरस में नहींदिल को हिम्मत नहीं, लब को यारा नहींतुझ सा कोई नहीं, तुझ सा कोई नहीं

कोई बतलाए, कैसे सरापा लिखूँ ?कोई है वो कि मैं जिस को तुझ सा कहूँ ?तौबा तौबा ! नहीं कोई तुझ सा नहींतुझ सा कोई नहीं, तुझ सा कोई नहीं

चार यारों की शान-ए-जली है भलीहैं ये सिद्दीक़, फ़ारूक़, 'उस्माँ, 'अलीशाहिद-ए-'अद्ल हैं ये तेरे जा-नशींतुझ सा कोई नहीं, तुझ सा कोई नहीं

ऐ सरापा नफ़ीस अन्फ़स-ए-दो-जहाँसरवर-ए-सरवराँ, दिलबर-ए-'आशिक़ाँढूँडती है तुझे मेरी जान-ए-हज़ींतुझ सा कोई नहीं, तुझ सा कोई नहीं

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