नात लिरिक्स

Abr-e-Karam Gesoo-e-Muhammad

अब्र-ए-करम गेसू-ए-मुहम्मद

नात ख़्वान: हाफ़िज़ डॉ. निसार अहमद मार्फ़ानीशायर: मुफ़्ती अख़्तर रज़ा ख़ानउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

अब्र-ए-करम गेसू-ए-मुहम्मदसल्लल्लाहु 'अलैहि व सल्लमदोनों हरम अब्रू-ए-मुहम्मदसल्लल्लाहु 'अलैहि व सल्लम

सब से अनोखा मू-ए-मुहम्मदसब से निराली कू-ए-मुहम्मद

सल्लल्लाहु 'अलैहि व सल्लम

सब की नज़र है सू-ए-का'बाका'बा तके है रू-ए-मुहम्मद

सल्लल्लाहु 'अलैहि व सल्लम

का'बे को किस ने बनाया क़िब्लाका'बे का का'बा रू-ए-मुहम्मद

सल्लल्लाहु 'अलैहि व सल्लम

सज्दा-ए-सर है सू-ए-का'बासज्दा-ए-दिल है सू-ए-मुहम्मद

सल्लल्लाहु 'अलैहि व सल्लम

सारे चमन में किस की ख़ुश्बूख़ुश्बू है ख़ुश्बू-ए-मुहम्मद

सल्लल्लाहु 'अलैहि व सल्लम

किस की चमक है पैकर-ए-गिल मेंगुल में खिला है रू-ए-मुहम्मद

सल्लल्लाहु 'अलैहि व सल्लम

धारे चले हर ऊँगली से उन कीदेखो वो निकली जू-ए-मुहम्मद

सल्लल्लाहु 'अलैहि व सल्लम

किस का मू देता है गवाहीमू-ए-मुहम्मद, मू-ए-मुहम्मद

सल्लल्लाहु 'अलैहि व सल्लम

ज़िंदा है वल्लाह ! ज़िंदा है वल्लाह !जान-ए-दो-'आलम रू-ए-मुहम्मद

सल्लल्लाहु 'अलैहि व सल्लम

भीनी भीनी ख़ुश्बू लहकीखुल गए जब गेसू-ए-मुहम्मद

सल्लल्लाहु 'अलैहि व सल्लम

ये रह महकी, वो रह महकीखुल गए जब गेसू-ए-मुहम्मद

सल्लल्लाहु 'अलैहि व सल्लम

सुब्ह-ए-रुख़-ए-रौशन से दो-बालाहुस्न-ए-शब-ए-गेसू-ए-मुहम्मद

सल्लल्लाहु 'अलैहि व सल्लम

सुब्ह-ए-मुनव्वर, शाम-ए-मु'अंबरहर-दो-बहम दर रू-ए-मुहम्मद

सल्लल्लाहु 'अलैहि व सल्लम

अख़्तर-ए-ख़स्ता ! चल दे जिनाँ कोबाग़-ए-जिनाँ है कू-ए-मुहम्मद

सल्लल्लाहु 'अलैहि व सल्लम

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