नात लिरिक्स

Gair Apne Ho Gaye Jo Hamare Badal Gaye

ग़ैर अपने हो गए जो हमारे बदल गए

नात ख़्वान: मुफ़्ती अस्जद रज़ा ख़ानशायर: मुफ़्ती अख़्तर रज़ा ख़ानउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

ग़ैर अपने हो गए जो हमारे बदल गएनज़रें बदल गईं तो नज़ारे बदल गए

किस को सुनाइएगा यहाँ ग़म की दास्ताँजो ग़म में साथ देते वो सारे बदल गए

ढूँडे से पाइएगा न पहली सी मस्तियाँबदली शराब-ए-कोहना वो प्याले बदल गए

इस दौर-ए-मस्लहत में वफ़ा कोई शय नहींगाहे हुए हमारे तो गाहे बदल गए

अख़्तर ! लगाइए लौ नबी-ए-करीम सेक्या फ़िक्र अहल-ए-दुनिया जो सारे बदल गए

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