नात लिरिक्स

Aashiqo Aao Dar-e-Ghaus Ka Jalwa Dekho

आशिक़ो आओ दर-ए-ग़ौस का जल्वा देखो

नात ख़्वान: राओ अली हसनैनशायर: अदनान अक्सउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

शाह-ए-जीलाँ ! शाह-ए-जीलाँ !शाह-ए-जीलाँ ! शाह-ए-जीलाँ !

'आशिक़ो ! आओ, दर-ए-ग़ौस का जल्वा देखोअपनी दुनिया ही में जन्नत का नज़ारा देखो

'आशिक़ो ! आओ, दर-ए-ग़ौस का जल्वा देखो

सारे वलियों के हैं सरदार जो ग़ौस-ए-आ'ज़महै ये बग़दाद शहर उन का मदीना देखो

'आशिक़ो ! आओ, दर-ए-ग़ौस का जल्वा देखो

ख़ाली जाता ही नहीं कोई सवाली उन कापंजतन-ए-पाक का बटता है ख़ज़ाना देखो

'आशिक़ो ! आओ, दर-ए-ग़ौस का जल्वा देखो

जिन को कहता है जहाँ हसनी-हुसैनी सय्यिदशान से सोता है वो लाल 'अली का देखो

'आशिक़ो ! आओ, दर-ए-ग़ौस का जल्वा देखो

सर झुकाते हैं यहाँ आ के वली 'आलम केकितना ऊँचा है दर-ए-ग़ौस का रुत्बा देखो

'आशिक़ो ! आओ, दर-ए-ग़ौस का जल्वा देखो

काश, ऐ 'अक्स ! कोई आ के कहे यूँ मुझ सेआओ, अब तुम भी बड़े पीर का रौज़ा देखो

'आशिक़ो ! आओ, दर-ए-ग़ौस का जल्वा देखो

ऐ पीरों के पीर ! ग़ौस-ए-आ'ज़म दस्त-गीर !ऐ पीरों के पीर ! ग़ौस-ए-आ'ज़म दस्त-गीर !

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