नात लिरिक्स

Paai Shab-e-Barat Ye Qismat Ki Baat Hai | Jagunga Saari Raat Ibadat Ki Raat Hai

पाई शब-ए-बरात ये क़िस्मत की बात है | जागूँगा सारी रात इबादत की रात है

नात ख़्वान: राओ अली हसनैनउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

शब-ए-बरात ! शब-ए-बरात !शब-ए-बरात ! शब-ए-बरात !

पाई शब-ए-बरात ये क़िस्मत की बात हैजागूँगा सारी रात, 'इबादत की रात है

पाई शब-ए-बरात ये क़िस्मत की बात है

शब-ए-बरात ! शब-ए-बरात !शब-ए-बरात ! शब-ए-बरात !

मर्ज़-ए-गुनाह-गारी से तौबा करूँगा मैंफ़रमान-ए-मुस्तफ़ा है, शफ़ा'अत की रात है

जागूँगा सारी रात, 'इबादत की रात हैपाई शब-ए-बरात ये क़िस्मत की बात है

शब-ए-बरात ! शब-ए-बरात !शब-ए-बरात ! शब-ए-बरात !

होगी क़बूल सारे तलबगारों की फ़रियादबस दिल से पुकारो ये समा'अत की रात है

जागूँगा सारी रात, 'इबादत की रात हैपाई शब-ए-बरात ये क़िस्मत की बात है

शब-ए-बरात ! शब-ए-बरात !शब-ए-बरात ! शब-ए-बरात !

सज्दे करूँगा, अश्क-ए-नदामत बहाऊँगासब कुछ मिलेगा मुझ को, 'इनायत की रात है

जागूँगा सारी रात, 'इबादत की रात हैपाई शब-ए-बरात ये क़िस्मत की बात है

शब-ए-बरात ! शब-ए-बरात !शब-ए-बरात ! शब-ए-बरात !

सारा जहान छोड़ के मस्जिद चलो, नादिम !रहमत ही रहमतें हैं, ये बरकत की रात है

जागूँगा सारी रात, 'इबादत की रात हैपाई शब-ए-बरात ये क़िस्मत की बात है

शब-ए-बरात ! शब-ए-बरात !शब-ए-बरात ! शब-ए-बरात !

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