नात लिरिक्स

Madina Dekh Lun Aa Kar Agar Sarkar Chahein To

मदीना देख लूँ आ कर अगर सरकार चाहें तो

नात ख़्वान: सय्यिद हस्सानुल्लाह हुसैनीशायर: अदनान अक्सउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

या रसूलल्लाहि उन्ज़ुर हालनाया ह़बीबल्लाहि इस्म'अ क़ालनाइन्ननी फ़ी बह़री ग़म्मि-मुग़्रकुनख़ुज़्यदी सहिल लना अश्कालना

मदीना देख लूँ, आक़ा !मदीना देख लूँ, आक़ा !मदीना देख लूँ, आक़ा !

मदीना देख लूँ आ कर अगर सरकार चाहें तोबना लूँ 'इश्क़ को रहबर अगर सरकार चाहें तो

मदीना देख लूँ आ कर अगर सरकार चाहें तो

कभी रौज़े से मिम्बर तक, कभी मिम्बर से रौज़े तकमैं देखूँ ख़ुल्द का मंज़र अगर सरकार चाहें तो

मदीना देख लूँ आ कर अगर सरकार चाहें तो

कभी आँखों से पलकों से, कभी होंटों से साँसों सेबुहारूँ उन का संग-ए-दर अगर सरकार चाहें तो

मदीना देख लूँ आ कर अगर सरकार चाहें तो

करम देखूँ, हरम देखूँ, सुनहरी जालियाँ चूमूँहै सब आसाँ, दिल-ए-मुज़्तर ! अगर सरकार चाहें तो

मदीना देख लूँ आ कर अगर सरकार चाहें तो

मदीने इस तरह जाऊँ, कभी वापस नहीं आऊँवहीं बन कर रहूँ नौकर अगर सरकार चाहें तो

मदीना देख लूँ आ कर अगर सरकार चाहें तो

सर-ए-महशर नबी से 'अक्स अपने 'अर्ज़ करता हैसुनाऊँ ना'त इक पढ़ कर अगर सरकार चाहें तो

मदीना देख लूँ आ कर अगर सरकार चाहें तो

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