उर्दू शायरी · ग़ज़ल

zindagi KHwab-e-hasin ka nam hai

ज़िंदगी ख़्वाब-ए-हसीं का नाम है

زندگی خواب حسیں کا نام ہے

शायर: JaiKrishn Chaudhry Habeeb10 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

ज़िंदगी ख़्वाब-ए-हसीं का नाम है
या कोई ख़ुश-रंग ख़ाली जाम है

ज़िंदगी का क्या हसीं अंजाम है
दिल में तेरी याद लब पर नाम है

हँस लिया था लहजे पर हम ने कभी
उम्र भर अब आंसुओं से काम है

मस्त है जिस ने भी देखा एक बार
चश्म-ए-मय-गूँ वो छलकता जाम है

ये शिकायत और ये आह-ओ-फ़ुग़ाँ
तेरा दा'वा-ए-मोहब्बत ख़ाम है

जिस ने पाई एक भी तेरी झलक
वो सदा ख़ामोश है गुमनाम है

रूह पर इक कैफ़ बन कर छा गई
याद से महकी हुई जो शाम है

प्यार की तेरी नज़र या क़हर की
और क्या ये गर्दिश-ए-अय्याम है

जा-ब-जा हम ख़ुद भटकते ही फिरे
वर्ना उस के दर पे फ़ैज़-ए-आम है

सुब्ह देखी है 'हबीब' और दोपहर
आई अब तो ज़िंदगी की शाम है