उर्दू शायरी · ग़ज़ल

zindagi aise chal rahi hai dost

ज़िंदगी ऐसे चल रही है दोस्त

زندگی ایسے چل رہی ہے دوست

शायर: Ibrahim Ali Zeeshan6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

ज़िंदगी ऐसे चल रही है दोस्त
जैसे मय्यत निकल रही है दोस्त

आज जाना है ग़म की महफ़िल में
शक्ल कपड़े बदल रही है दोस्त

बे-वफ़ा तुम हो बे-वफ़ा हम हैं
बर्फ़ पर नाव चल रही है दोस्त

होश नीचे गिराएगा उस को
नींद रस्सी पे चल रही है दोस्त

ये उदासी हमारी आँखों में
कितने नाज़ों से पल रही है दोस्त

आग कैसे बुझेगी पानी से
आग पानी में जल रही है दोस्त