उर्दू शायरी · ग़ज़ल

zahr shirin hai sach piye jao

ज़हर शीरीं है सच पिए जाओ

زہر شیریں ہے سچ پیے جاؤ

शायर: Parveen Fana Syed5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

ज़हर शीरीं है सच पिए जाओ
हमदमो मर के भी जिए जाओ

इम्तिहान-ए-वफ़ा हमें मंज़ूर
इंतिहा-ए-सितम किए जाओ

खुल न जाए फ़रेब-ए-चारा-गरी
ज़ख़्म हर हाल में सिए जाओ

राख का ढेर हैं मह-ओ-अंजुम
राख में जुस्तुजू किए जाओ

रह-रवी का यही तक़ाज़ा है
राहज़न को दुआ दिए जाओ