उर्दू शायरी · ग़ज़ल

yun wo paigham se to aaega

यूँ वो पैग़ाम से तो आएगा

یوں وہ پیغام سے تو آئے گا

शायर: Dagh Dehlvi7 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

यूँ वो पैग़ाम से तो आएगा
ग़ैर के नाम से तो आएगा

शब-ए-हिज्राँ से मौत बेहतर है
ख़्वाब आराम से तो आएगा

यूँ न आएगा हाथ गर वो सनम
तर्क-ए-इस्लाम से तो आएगा

ले ही तो आएँगे उसे हमदम
मेरे ही नाम से तो आएगा

साक़िया मुझ से बादा-कश को सुरूर
एक ही जाम से तो आएगा

दिल का आना है काम से जाना
जाएगा काम से तो आएगा

कभी अपना भी रोज़-ए-ख़ुश ऐ 'दाग़'
दौर-ए-अय्याम से तो आएगा