उर्दू शायरी · ग़ज़ल

ye uski nind ko kya ho gaya hai

ये उस की नींद को क्या हो गया है

یہ اس کی نیند کو کیا ہو گیا ہے

शायर: Deepak Jain Deep4 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

ये उस की नींद को क्या हो गया है
मिरी आँखों में शब भर जागता है

यहाँ कैसे रहें महफ़ूज़ चेहरे
यहाँ टूटा हुआ हर आइना है

यक़ीं इस बात का अब तक नहीं है
कि मेरी प्यास से दरिया बड़ा है

दिमाग़-ओ-दिल हैं पहरे-दार जैसे
जो इक सोए तो दूजा जागता है