उर्दू शायरी · ग़ज़ल

khone ka malal rah gaya

खोने का मलाल रह गया

کھونے کا ملال رہ گیا

शायर: Deepak Jain Deep4 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

खोने का मलाल रह गया
आइने में बाल रह गया

तेरे बा'द अपना मश्ग़ला
ग़म की देख-भाल रह गया

तेरे इस हुनर के सामने
मेरा सब कमाल रह गया

पहले तेरे रंग थे वहाँ
मकड़ियों का जाल रह गया