उर्दू शायरी · ग़ज़ल

ye teri yaad hai tera KHayal hai kya hai

ये तेरी याद है तेरा ख़याल है क्या है

یہ تیری یاد ہے تیرا خیال ہے کیا ہے

शायर: Ejaz Ansari9 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

ये तेरी याद है तेरा ख़याल है क्या है
अँधेरी रात है फिर भी बहुत उजाला है

वफ़ा फ़रेब है 'एजाज़' इश्क़ धोका है
बिना ग़रज़ के यहाँ कौन किस से मिलता है

ग़मों ने चेहरा कुछ इतना बिगाड़ रक्खा है
कि आइना हो मुक़ाबिल तो ख़ौफ़ आता है

बदन है शाख़ की मानिंद गुल सा चेहरा है
हमारी जागती आँखों ने किस को देखा है

ग़रज़-परस्त मोहब्बत की बात करने लगे
न जाने आज का सूरज किधर से निकला है

कभी सितम भी तिरा पुर-कशिश नज़र आया
कभी करम भी तिरा नागवार गुज़रा है

किताब-ए-दिल पे ज़रा ग़ौर से नज़र डालो
वरक़ वरक़ पे तुम्हारा ही नाम लिक्खा है

ये किस की लाश पड़ी है सड़क पे ला-वारिस
ये किस का नाम लिखा है ये किस का बस्ता है

है नोक-ए-नेज़ा पे भी फ़त्ह की अदा 'एजाज़'
हमारा सर अभी क़ातिल के सर से ऊँचा है