उर्दू शायरी · ग़ज़ल

ye tasalli ye dilasa ye sahaara naTak

ये तसल्ली ये दिलासा ये सहारा नाटक

یہ تسلی یہ دلاسہ یہ سہارا ناٹک

शायर: Aarif Nazeer9 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

ये तसल्ली ये दिलासा ये सहारा नाटक
कितना प्यारा है मिरे यार तुम्हारा नाटक

दर्द सहने की अज़िय्यत से गुज़ारें तुम को
हम भी दिखलाएँ किसी रोज़ करारा नाटक

बंद कर दीजिए बंदों को मिलाना रब से
बंद कर दीजिए अब अपना ख़ुदारा नाटक

एक जैसे हैं तिरे और मिरे ग़म जानाँ
एक जैसा है तिरा और हमारा नाटक

उस की आँखों से गिरे अश्क तो मोती हो जाएँ
मेरी आँखों से छलकता हुआ तारा नाटक

हम अदाकार तो चलते थे हिदायत ले कर
अपनी मर्ज़ी से कहाँ हम ने गुज़ारा नाटक

लहलहाते हुए बाग़ात सुकूँ अम्न-ओ-अमाँ
एक तस्वीर में देखा गया सारा नाटक

ये तो हम हैं जो तुम्हें सर पे चढ़ा रक्खा है
वर्ना किस को है मिरी जान गवारा नाटक

उँगलियाँ किस की हैं 'आरिफ़' जो नचाती हैं हमें
ख़ुद समझ आया नहीं हम को हमारा नाटक